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लुधियाना मिल्क यूनियन में बड़ा घोटाला: भारतीय सेना ने अस्वीकार किया दूध पाउडर, महाप्रबंधक दलजीत सिंह निलंबित

पंजाब राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड (एमआईएलकेएफईडी) ने लुधियाना जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड (मिल्क यूनियन, लुधियाना) में गंभीर गुणवत्ता चूक को लेकर सख्त कार्रवाई की है

लुधियाना मिल्क यूनियन में बड़ा घोटाला: भारतीय सेना ने अस्वीकार किया दूध पाउडर, महाप्रबंधक दलजीत सिंह निलंबित
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चंडीगढ़। पंजाब राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड (एमआईएलकेएफईडी) ने लुधियाना जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड (मिल्क यूनियन, लुधियाना) में गंभीर गुणवत्ता चूक को लेकर सख्त कार्रवाई की है। भारतीय सेना ने मिल्क यूनियन लुधियाना द्वारा आपूर्ति किए गए दूध पाउडर की दो खेपों को नमूनों में बाहरी सामग्री मिलने के कारण अस्वीकार कर दिया है।

सेना के अधिकारियों ने 12 फरवरी 2026 और 16 मार्च 2026 को लिखे पत्रों के माध्यम से इसकी जानकारी मिल्क यूनियन को दी थी। पहली खेप 58.338 मीट्रिक टन और दूसरी खेप 66.654 मीट्रिक टन की थी। दोनों खेपों में गुणवत्ता नियंत्रण की गंभीर चूक पाई गई।

एमआईएलकेएफईडी प्रबंधन ने इस घटना को संगठन की विश्वसनीयता पर सीधा हमला माना है। प्रबंधन के अनुसार, यह चूक ‘पंजाब राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ कर्मचारी सेवा नियम 2023’ के नियम के तहत 'गंभीर कदाचार' श्रेणी में आती है।

इस गंभीर मामले को देखते हुए मिल्क यूनियन लुधियाना में महाप्रबंधक का प्रभार संभाल रहे दलजीत सिंह को नियम 62.1(आई) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियम 63(ए) के अनुसार निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय पंजाब राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड, चंडीगढ़ में निर्धारित किया गया है।

एमआईएलकेएफईडी के इस आदेश से पंजाब के सहकारी दुग्ध क्षेत्र में हलचल मच गई है। लुधियाना मिल्क यूनियन पंजाब की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण मिल्क यूनियनों में से एक है। भारतीय सेना को दूध पाउडर की आपूर्ति करना मिल्क यूनियन का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट माना जाता है। गुणवत्ता में चूक से न केवल सेना जैसे महत्वपूर्ण संस्थान का विश्वास टूटा है, बल्कि संगठन की साख भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई है।

प्रबंधन का कहना है कि इस मामले की पूरी जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। संगठन की विश्वसनीयता बनाए रखना प्राथमिकता है। यह घटना पंजाब के सहकारी दुग्ध क्षेत्र में गुणवत्ता नियंत्रण और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े करती है।


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