पंजाब से राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के घर ईडी की रेड, भगवंत मान ने कसा तंज-टिपिकल मोदी स्टाइल
ईडी की टीमों ने मित्तल के आवास, दफ्तरों और उनसे जुड़े संस्थानों को घेर लिया। सुरक्षा के मद्देनजर बाहर पुलिस बल तैनात किया गया, जबकि अंदर अधिकारियों ने दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू की।

चंडीगढ़। पंजाब से राज्यसभा सांसद और शिक्षाविद अशोक कुमार मित्तल के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार सुबह बड़ी कार्रवाई की। जालंधर और फगवाड़ा में उनके घर, शैक्षणिक संस्थानों और कारोबारी परिसरों पर एक साथ छापेमारी की गई। सुबह करीब 9 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में दिल्ली से आई ईडी की कई टीमें शामिल हैं, जिन्होंने एक साथ कई लोकेशन को कवर किया।
कई ठिकानों पर एक साथ रेड
ईडी की टीमों ने मित्तल के आवास, दफ्तरों और उनसे जुड़े संस्थानों को घेर लिया। ईडी ने अशोक मित्तल के 8 से 9 ठिकानों पर छापेमारी की है। सांसद और उसके बेटे के गुरुग्राम और पंजाब में छापेमारी की ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की। सुरक्षा के मद्देनजर बाहर पुलिस बल तैनात किया गया, जबकि अंदर अधिकारियों ने दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू की। सूत्रों के अनुसार, टीमों ने कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और लेन-देन से जुड़े अहम कागजात भी खंगाले हैं।
लवली ग्रुप के संस्थान जांच के घेरे में
छापेमारी का दायरा लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) और लवली ग्रुप से जुड़े अन्य प्रतिष्ठानों तक भी फैला हुआ है। इनमें लवली ऑटोज, लवली स्वीट्स और लवली डिस्टेंस एजुकेशन सेंटर जैसे संस्थान शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा, मित्तल परिवार से जुड़े आवासीय और व्यावसायिक परिसरों पर भी जांच की जा रही है। ईडी की टीमें परिजनों के ठिकानों पर भी पहुंचकर दस्तावेजों की पड़ताल कर रही हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि जांच का दायरा व्यापक है।
फेमा उल्लंघन का मामला
सूत्रों के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के कथित उल्लंघन से जुड़े मामले में की जा रही है। ईडी की नजर खासतौर पर विदेशी फंडिंग, निवेश और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों पर है। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं विदेशी मुद्रा नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ और क्या किसी तरह की अनियमितता या संदिग्ध लेन-देन हुआ है।
हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कार्रवाई
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब आम आदमी पार्टी (AAP) ने हाल ही में अशोक मित्तल को राज्यसभा में उपनेता की जिम्मेदारी सौंपी थी। इससे पहले यह पद राघव चड्ढा के पास था। इस फैसले के कुछ ही दिनों बाद ईडी की छापेमारी को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। कई लोग इसे राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देख रहे हैं, हालांकि आधिकारिक तौर पर जांच एजेंसियां इसे कानूनी प्रक्रिया बता रही हैं।
आम आदमी पार्टी का पलटवार
ईडी की इस कार्रवाई पर आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “भाजपा ने पंजाब चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के घर और यूनिवर्सिटी में ईडी की रेड-टिपिकल मोदी स्टाइल। हम वो पत्ते नहीं जो शाख से टूट कर गिर जाएंगे, आंधियों को कह दो अपनी औकात में रहें।”
केजरीवाल का भी हमला
AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मोदी सरकार ने पंजाब में चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है, लेकिन पंजाब के लोग इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। बीजेपी को इसका करारा जवाब मिलेगा।” उनके बयान से यह स्पष्ट है कि पार्टी इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव के तौर पर देख रही है।
ईडी की चुप्पी, जांच जारी
अब तक ईडी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि छापेमारी के दौरान जुटाए गए दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।


