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बेअदबी मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग, अकाली दल ने भगवंत मान पर लगाए आरोप

शिरोमणि अकाली दल ने बुधवार को मांग की कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कथित धार्मिक बेअदबी मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए।

बेअदबी मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग, अकाली दल ने भगवंत मान पर लगाए आरोप
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जालंधर। शिरोमणि अकाली दल ने बुधवार को मांग की कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कथित धार्मिक बेअदबी मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए।

पार्टी नेता महेशिंदर ग्रेवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि केवल सीबीआई जांच ही इस मामले की सच्चाई तक पहुंच सकती है। यह एक अंतर-राज्यीय मामला बन गया है और इसमें पैसों के लेन-देन की जांच की जरूरत है।

ग्रेवाल को अकाली दल की उस पांच सदस्यीय समिति में शामिल किया गया है, जो धार्मिक संगठनों और संत समाज से मिलकर मुख्यमंत्री के खिलाफ जनांदोलन बनाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में मुख्य आरोपी मुख्यमंत्री ही हैं।

उन्होंने दावा किया कि दस्तावेजों में हेरफेर और जालसाजी मुख्यमंत्री के इशारे पर की गई है।

उन्होंने कहा कि यह भी सच है कि आम आदमी पार्टी ने एक फर्जी दस्तावेज तैयार कर सार्वजनिक रूप से पेश किया और फिर उसी के आधार पर डीजीपी गौरव यादव से जांच की मांग की।

अकाली नेता दलजीत चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने खुद को बचाने के लिए कानून और संविधान का उल्लंघन किया, राज्य की शक्ति और सरकारी धन का दुरुपयोग किया और अकाल तख्त साहिब को गलत तरीके से प्रस्तुत करने की कोशिश की।

चीमा ने यह भी सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री ने किस अधिकार के तहत पंजाब पुलिस के कमिश्नर स्तर के अधिकारियों को फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट लाने के लिए भेजा। उन्होंने पूछा कि क्या यह निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए थे या अधिकारियों ने खुद ऐसा किया?

उन्होंने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से भी यह स्पष्ट करने की मांग की कि फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट को सार्वजनिक किस आधार पर किया गया और उसे सही क्यों बताया गया।

एक अन्य नेता बलविंदर भुंदर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले अकाल तख्त साहिब से टकराव किया और फिर झूठ का सहारा लिया, जिसमें गुरुग्राम से फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवाई गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब यह साबित हो गया है कि फोरेंसिक रिपोर्ट पंजाब पुलिस अधिकारियों द्वारा बनाई गई थी, तब मुख्यमंत्री फिर से सिख संगत को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।


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