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पंजाब के अधिकारी का पोस्टमार्टम पीजीआई-चंडीगढ़ में कराएं: अकाली दल नेता

शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोमवार को मांग की कि वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के अधिकारी गगनदीप सिंह रंधावा का पोस्टमार्टम पीजीआईएमईआर में या एम्स के डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा कराया जाए ताकि निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके

पंजाब के अधिकारी का पोस्टमार्टम पीजीआई-चंडीगढ़ में कराएं: अकाली दल नेता
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चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोमवार को मांग की कि वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के अधिकारी गगनदीप सिंह रंधावा का पोस्टमार्टम पीजीआईएमईआर में या एम्स के डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा कराया जाए ताकि निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके। साथ ही उन्होंने पूर्व परिवहन मंत्री लालजीत भुल्लर के पिता और निजी सहायक की गिरफ्तारी की भी मांग की।

यहां मीडिया को संबोधित करते हुए मजीठिया ने सभी विपक्षी नेताओं, किसान संगठनों और वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन यूनियन को मंत्री भुल्लर की गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभाने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इसी एकजुट प्रयास के कारण अंततः मंत्री भुल्लर की गिरफ्तारी हुई।

उन्होंने रंधावा परिवार के दृढ़ संकल्प की भी सराहना की, जिन्होंने रंधावा के लिए न्याय की मांग करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के भारी दबाव का सामना किया।

मजीठिया ने जोर देकर कहा कि यह मामला केवल रंधावा को निर्वस्त्र करके पीटने के बाद आत्महत्या के लिए मजबूर करने का नहीं है, बल्कि इसमें लालजीत भुल्लर और आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा किए गए व्यापक भ्रष्टाचार का भी मामला शामिल है।

उन्होंने कहा कि अमृतसर के उपायुक्त दलविंदरजीत सिंह, वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक गौतम जैन और मुख्य सचिव केएपी सिन्हा ने अधिकारियों की बार-बार की गई अपीलों पर ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते उनकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।

मजीठिया ने भुल्लर की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा 'नकदी या फरमाइश' में विश्वास न करने जैसी घटिया और बेशर्म टिप्पणी करने पर भी निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि विपक्ष, यूनियनों, रंधावा परिवार और केंद्रीय गृह मंत्री के इस बयान के संयुक्त दबाव ने कि केंद्र इस मामले में सीबीआई जांच का आदेश देने के लिए तैयार है, आम आदमी पार्टी सरकार को यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया।

उन्होंने कहा कि सरकार 21 मार्च से भुल्लर का संरक्षण कर रही है। पहले तो मामले में 24 घंटे तक एफआईआर दर्ज ही नहीं की गई। इसके बाद भी सरकार ने न तो मंत्री को गिरफ्तार किया और न ही उनका इस्तीफा राज्यपाल को भेजा। जब सरकार चारों मोर्चों पर घिर गई, तभी उसने आज मंत्री को गिरफ्तार करने का फैसला किया।

मजीठिया ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री सचमुच पूरे राज्य और पीड़ित परिवार को अपने बड़े परिवार का हिस्सा मानते हैं, तो उन्हें इस मामले में सीबीआई जांच के लिए सहमत होने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए।


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