चंडीगढ़ में पंजाबी इन्फ्लुएंसर काअपहरण कर हत्या:गाड़ी में डालकर पंजाब लाए, पेड़ से बांध आग लगाई
मनजीत की मां कांता देवी के मुताबिक, उनकी बेटी के जानकार बताए जा रहे शुभी और पिंदा ने 3 जुलाई की रात उसे सेक्टर-34 स्थित शराब के ठेके के पास मिलने के लिए बुलाया था। आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद दोनों उसे जबरन कार में बैठाकर मोरिंडा की तरफ ले गए।

चंडीगढ़: Manjit Kaur murder case: पंजाबी इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर की इलाज के दौरान मौत हो गई। आरोप है कि करीब दो महीने पहले दो युवकों ने उन्हें मिलने के बहाने बुलाया और जबरन कार में बैठाकर मोरिंडा की ओर ले गए। वहां उनके साथ मारपीट करने के बाद उन्हें एक पेड़ से बांधकर आग लगाने का आरोप है। गंभीर रूप से झुलसी मनजीत को पहले स्थानीय अस्पताल, फिर मोहाली और बाद में चंडीगढ़ स्थित पीजीआई में भर्ती कराया गया था। परिवार के मुताबिक, लंबे इलाज के बाद मनजीत को होश आया और उन्होंने घटना के बारे में परिजनों को जानकारी दी। अब उनकी मौत के बाद चंडीगढ़ पुलिस ने उनकी मां के बयान के आधार पर अपहरण और हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
मिलने के बहाने बुलाने का आरोप
मनजीत की मां कांता देवी के मुताबिक, उनकी बेटी के जानकार बताए जा रहे शुभी और पिंदा ने 3 जुलाई की रात उसे सेक्टर-34 स्थित शराब के ठेके के पास मिलने के लिए बुलाया था। आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद दोनों उसे जबरन कार में बैठाकर मोरिंडा की तरफ ले गए। परिवार का दावा है कि रास्ते में मनजीत के साथ मारपीट की गई। इसके बाद उसे एक शहतूत के पेड़ से बांधकर आग लगा दी गई। घटना के बाद दोनों आरोपी कथित तौर पर मौके से फरार हो गए।
जानकार ने कंबल डालकर बचाई जान
परिवार के अनुसार, आग लगने के बाद मौके से गुजर रहे एक जानकार ने मनजीत को गंभीर हालत में देखा। उसने कंबल की मदद से आग बुझाई और उन्हें तत्काल मोरिंडा के अस्पताल पहुंचाया। मनजीत की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आगे इलाज के लिए मोहाली के मैक्स अस्पताल ले जाया गया। कुछ दिन इलाज के बाद 9 जुलाई को उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। यहां उनका लंबे समय तक उपचार चलता रहा।
करीब एक महीने बाद आया होश
परिवार के मुताबिक, मनजीत करीब एक महीने तक बेहोश रहीं। 5 अगस्त को उन्हें होश आया। होश में आने के बाद उन्होंने पुलिस को बुलाकर अपना बयान दर्ज कराने की इच्छा जताई थी। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने होश में आने के बाद घटना से जुड़ी जानकारी दी, लेकिन उस समय उनके बयान दर्ज नहीं किए गए। हालांकि, इस आरोप को लेकर संबंधित पुलिस अधिकारियों की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
26 अगस्त को तोड़ा दम
इलाज के दौरान मनजीत की हालत गंभीर बनी रही। परिवार के अनुसार, उन्होंने 26 अगस्त को दम तोड़ दिया। उनकी मौत के बाद मामला हत्या की धाराओं तक पहुंच गया और चंडीगढ़ पुलिस ने मृतका की मां की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की। पुलिस अब आरोपियों की तलाश के साथ घटना से जुड़े साक्ष्यों को जुटा रही है। जांच में CCTV फुटेज, मोबाइल फोन की जानकारी और आरोपियों के साथ मनजीत के संपर्क समेत अन्य पहलुओं को खंगाला जा सकता है।
खरड़ पुलिस ने दी सफाई
मामले को लेकर खरड़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि घटना से संबंधित मामला चंडीगढ़ पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसी वजह से खरड़ पुलिस ने मृतका की मां की सहायता करते हुए चंडीगढ़ पुलिस में FIR दर्ज कराने में मदद की। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस कर रही है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
हत्या की वजह का खुलासा बाकी
मनजीत कौर की मौत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल हत्या के पीछे की वजह को लेकर है। परिवार की ओर से जिन दो युवकों पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी भूमिका और घटना के पीछे का कारण पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल पुलिस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि 3 जुलाई की रात मनजीत के साथ वास्तव में क्या हुआ और घटना के बाद करीब दो महीने तक चले इलाज के दौरान सामने आई जानकारी को जांच में किस तरह शामिल किया जाएगा।


