महिला सरपंच के खिलाफ निलंबन की कार्यवाही को कलेक्टर ने किया निरस्त
ग्राम पंचायत ढाबाडीह की महिला सरपंच रागिनी दाण्डेकर के खिलाफ एसडीएम भाटापारा व्दारा की गई निलंबन की कार्यवाही को कलेक्टर जे पी पाठक ने निरस्त कर दिया है

उक्त प्रकरण में किसी तरह की कोई प्रतिलिपि प्रदान नही की गई थी
भाटापारा। ग्राम पंचायत ढाबाडीह की महिला सरपंच रागिनी दाण्डेकर के खिलाफ एसडीएम भाटापारा व्दारा की गई निलंबन की कार्यवाही को कलेक्टर जे पी पाठक ने निरस्त कर दिया है । ज्ञात हो कि उक्त सरपंच के खिलाफ अनियमितता व शासन की योजना का संचालन ठीक से नही किये जाने को लेकर धारा 40 के तहत कार्यवाही किये जाने का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था ।
किन्तु उक्त प्रकरण में किसी तरह की कोई प्रतिलिपि प्रदान नही की गई थी। इसके बाद उनके खिलाफ 39 एक ख के तहत निलंबन का आदेश पारित किया गया था । कलेक्टर व्दारा जारी आदेश में सरपंच रागिनी दाण्डेकर के खिलाफ जो अनियतिता के आवेदन दिये गये थे उसे खारिज कर दी।
जिसमें प्रमुख रूप से निराश्रित पेंशन भुगतान में विलंब के लिये सरपंच को दोषी ठहराया जा रहा था जबकि उस समय सचिव का स्थानांतरण हो गया था। इसलिये सरपंच को दोषी ठहराया जाना उचित नहीं माना गया।
इसी तरह ग्राम पंचायत के लिये स्वीकृत निर्माण कार्य प्रस्ताव पर न अन्यंत्र कार्य कराये जाने के आरोप के संबंध मे अनावेदिका सरपंच के व्दारा जवाब में बताया गया कि ग्राम पंचायत को प्राप्त रकम का उपयोग सी सी रोड निर्माण किये जाने के ढाबाडीह के लिये 2.28 लाख व आश्रित ग्राम धौराभाठा में 2.28 लाख विभाजित किया गया था जो ग्राम पंचायत प्रस्ताव के अनुरूप समस्त पदाधिकारियों की स्वीकृति पश्चात किया गया है ।
इसका मूल्यांकन व भौतिक सत्यापन शेष है सरपंच व्दारा राशि का दुरूप्योग नही किया गया है । इस तरह स्वीकृति निर्माण कार्यानुसार स्थल पर कराया गया कार्यो में अनावेदिका व्दारा आर्थिक अनियमितता किया गया हो ऐसा कोई प्रतिवेदित नहीं किया गया है तथा यह आरोप भी प्रमाणित नहीं होता है ।
कलेक्टर ने एसडीएम भाटापारा व्दारा पारित अंतरिम आदेष 14 मार्च 2018 स्थिर रखे जाने योग्य नही माना व उनके पारित अंतरिम आदेश को निरस्त किया । उक्त आदेश 11 जून को कलेक्टर जे.पी पाठक ने जारी किया है । वही रागिनी दाण्डेकर की ओर से कानूनी सलाहकार किशन जोतवानी मामले की पैरवी कर रहे थे ।


