सीधी भर्ती के पहले हो पदोन्नति-स्थानांतरण अपर मुख्य सचिव पंचायत से आज होगी चर्चा
छत्तीसगढ़ विद्यालयीन शिक्षक कर्मचारी संघ ने एक बयान जारी कर प्रदेश में कार्यरत शिक्षक पंचायक संवर्ग की पदोन्नति एवं स्थनांतरण के बाद बचे पदों प सीधी भर्ती करने की मांग की
रायपुर (देशबन्धु)। छत्तीसगढ़ विद्यालयीन शिक्षक कर्मचारी संघ ने एक बयान जारी कर प्रदेश में कार्यरत शिक्षक पंचायक संवर्ग की पदोन्नति एवं स्थनांतरण के बाद बचे पदों प सीधी भर्ती करने की मांग की है। संघ के प्रांताध्यक्ष संजय तिवारी आलोक शुक्ला, उमेश साहू, भरत तम्बोली, नवीन चंन्द्राकर, हेमंत सोनवानी, आदि ने कहा कि संघ की मंाग कर शासकीय शिक्षकों व कर्मचारियांं के लिए बैन खोलकर स्थानंतण की सुविधा प्रदान की गई है। किन्तु प्रदेश के 1 लाख 80 हजार शिक्षक पंचायत संवर्ग के कर्मचारियों के लिए अब तक र्बैन नही खोला गया है। वही 13 जुलाई 2017 को संचालक लोक शिक्षण ने व्याख्याता पंचायत के लगभग 5023 पद के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को हस्तान्तरित किये है।
जिस पर व्यापम द्वारा भर्ती किेया जाना है। संघ पदाधिकारियों कपने बताया कि पूरे प्रदेश में अधिकांश स्थानों/जिलों में पिछलें दो वर्षों में शिक्षक पंचायत की न तो पदोन्नति की गई है न ही स्थानांतरण की सूविधा दी गई है। श्री तिवारी ने बताया कि नगर निगम रायपुर मेंं 1998 से 870 शिक्षाकर्मी कार्यरत है। आज पर्यंत किसी भी शिक्षाकर्मी की पदोन्नति नही हो सकी है। नगरिया प्रशासन विभाग 2015 से निर्देश जारी करता रहा है किन्तु नगर निगम रायपुर द्वारा शिक्षाकमिर्यो की पदोन्नति को गंभीरता से नही लिया गया। इसी तरह महासमुन्द जिला पंचायत द्वारा भर्ती पदोन्नति संबंधित नियमों का उल्लंघन किया गया है। महासमुन्द जिले में 70 शिक्षक पंचायत ऐसे है जिन्हे व्याख्याता पंचायत के पद पर पदोन्नति दी जा सकती है।
किन्तु पदोन्नति के बजाया सीधी भर्ती की जा रही है। यही स्थिति गरियाबंद व बलौदा बाजार जिले की है। श्री तिवारी ने बताया कि 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से व 50 प्रतिशत पद पदो पर पदोन्नतियों की जानी है। राजपत्र से वर्णित है, किन्तु जिला पंचायतो से जानकारी लिये बिना सभी पद सीधी भर्ती हेतु मंत्रालय को भेजा जा रहा है। जिसका प्रबल विरोध किया जाऐगा। संघ पदाधिकारियो ने बताया कि आज एक प्रतिनिधि मण्डल रायपुर मुख्य अपर सचिव से मिल शिक्षक पंचायत संवर्ग के पदोन्नति स्थनांतरण समेत प्राचार्य प्रधान पाठक पदो पर भर्ती पर चर्चा करेगा। साथ ही शिक्षा सचिव से भी मुलाकात कर अपना पक्ष रखेगा। तथा मांगों पर सकारात्मक सहमति न बनी तो सड़क पर उतरने की तैयारी की जाएगी।


