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मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह दिल्ली पहुंचे

पालम वायुसैनिक हवाई अड्डे पर केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी ने सोलिह की अगवानी की

मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह दिल्ली पहुंचे
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नयी दिल्ली। नयी दिल्ली, 16 दिसंबर (वार्ता) भारत के साथ मैत्री एवं सहयोग के संबंधों को पुन: प्रगाढ़ एवं सशक्त बनाने के उद्देश्य से मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह अपनी पहली विदेश यात्रा पर आज यहां पहुंच गये।
पालम वायुसैनिक हवाई अड्डे पर केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी ने श्री सोलिह की अगवानी की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि मालदीव के राष्ट्रपति का पद संभालने एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की माले यात्रा के एक माह के अंदर पहली विदेश यात्रा पर भारत आना दोनों देशों के मैत्रीपूर्ण एवं सहयोगी रिश्तों को प्रगाढ़ एवं सशक्त बनाने की इच्छाशक्ति का परिचायक है।

सोलिह का कल सुबह राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में रस्मी स्वागत किया जाएगा। इसके बाद वह राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। दोपहर 12 बजे दाेनों नेता हैदराबाद हाउस में बैठक करेंगे। शाम को वह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू से मिलेंगे और मंगलवार को आगरा में ताज महल का दीदार करके वहीं से माले रवाना हो जाएंगे।

सोलिह से 17 नवंबर को मालदीव के राष्ट्रपति के पद की शपथ ली थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए एक दिन की संक्षिप्त यात्रा पर माले गये थे। श्री मोदी ने श्री सोलिह को भारत आने का निमंत्रण दिया था जिसे श्री सोलिह ने तुरंत स्वीकार कर लिया था।

उल्लेखनीय है कि पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन के कार्यकाल में भारत एवं मालदीव के संबंध खराब हो गये थे। मालदीव में चीन के अंधाधुंध निवेश और उसे सामरिक महत्व के टापुओं को चीन को सौंपने से हिन्द महासागर में भारत की सुरक्षा चुनौतियां बढ़ गयीं थी। इस साल के आरंभ में मालदीव में आपातकाल की घोषणा और उसके बाद के राजनीतिक घटनाक्रमों से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था लेकिन सितंबर में हुए आम चुनावों में श्री यामीन की करारी हार और भारत समर्थक श्री सोलिह की जीत से दोनों देशों में राहत महसूस की गयी।
सूत्रों के अनुसार इस यात्रा में भारत-मालदीव के बीच आर्थिक सामरिक साझेदारी मज़बूत होगी। सोमवार को श्री मोदी एवं श्री सोलिह हैदराबाद हाउस में वर्तमान परिस्थितियों के हिसाब से हिन्द महासागर क्षेत्र में दोनों देशों के रक्षा एवं सामरिक सहयोग को पुन: परिभाषित करेंगे।

इससे पहले नवंबर के आखिरी सप्ताह में मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय सरकारी प्रतिनिधिमंडल चार दिन की भारत आया था। श्री शाहिद के साथ आये प्रतिनिधियों में मालदीव के वित्त मंत्री इब्राहिम अमीर, आर्थिक विकास मंत्री फैय्याज़ इस्माइल, विदेश राज्य मंत्री अहमद खलील और विदेश सचिव अब्दुल गफूर शामिल थे। उनकी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ बैठक के साथ ही रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण से भेंट हुई थी।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार उस बैठक में दोनों पक्षों ने राष्ट्रपति श्री सोलिह की भारत यात्रा की तैयारियों को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया था। भारत ने मालदीव को भरोसा दिलाया कि वह अपनी ‘पड़ोसी प्रथम’ की नीति के अनुरूप मालदीव के सामाजिक आर्थिक विकास के लिए पूरा समर्थन देने के लिए तैयार है। मालदीव की नयी सरकार ने भी अपनी ‘भारत पहले’ की नीति पर चलने और सभी मुद्दों पर भारत के साथ निकटता से काम करने की इच्छा प्रकट की है। मालदीव की नयी सरकार ने यह भी कहा है कि वह भारत की सुरक्षा एवं सामरिक चिंताओं के प्रति संवेदनशील रहेगी।
भारत ने मालदीव के राष्ट्रमंडल में दोबारा शामिल होने के निर्णय का स्वागत किया और भारत का समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने मालदीव के इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन में नया सदस्य बनने का भी स्वागत किया। बैठक में दोनों पक्षों ने विकास साझेदारी को बढ़ाने पर चर्चा की। भारत ने मालदीव की विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप सहायता देने तथा बजटीय एवं राजकोषीय स्थिरता सुनिश्चित करने में पूरे सहयोग का आश्वासन दिया।
दोनों देशों ने रक्षा एवं सुरक्षा के क्षेत्र में वर्तमान परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने और सहयोग के नये क्षेत्रों में संभावनायें तलाशने पर सहमति व्यक्त की है। द्विपक्षीय आर्थिक एवं वाणिज्यिक संबंधों के विस्तार के लिए चर्चा में दोनों पक्षों ने निजी क्षेत्र की प्रभावी भूमिका पर भी सहमति व्यक्त की है।


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