मकर संक्रांति पर करोडों लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी
प्रयाग ! उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति के अवसर पर आज प्रमुख नदियों और सरोवरों में करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर मंदिरों में पूजा अर्चना की और गरीबों को दान दिया।

प्रयाग ! उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति के अवसर पर आज प्रमुख नदियों और सरोवरों में करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर मंदिरों में पूजा अर्चना की और गरीबों को दान दिया। इलाहाबाद से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार माघ मेले के दूसरे स्नान ‘मकर संक्रांति’ के अवसर पर कड़ाके की ठंड के बीच तीर्थराज प्रयाग में 70 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई।
त्रिवेणी के संगम में कड़ाके की ठंड के बीच तडके चार बजे से सन्यासियों, विकलांगों और कल्पवासियों ने ‘हर हर गंगे, ऊं नम: शिवाय, श्री राम जय राम जय जय राम’ का उच्चारण करते हुए संगम में स्नान शुरू किया। संगम तट पर तडक़े श्रद्धालुओं की स्नान करने की गति धीमी थी लेकिन जैसे जैसे धूप चटख हुई तो घाट पर स्नान करने वालों की भीड़ बढ़ती गई। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पूजा अर्चना कर घाट पर बैठे पण्डों और पुरोहितों को खिचड़ी का दान किया। गरीबों को कपड़े आदि बांटे। संगम का विहंगम दृश्य का लुफ्त उठाने के लिए श्रद्धालुओं के लिए हेलीकाप्टर और गर्म गुब्बारे की व्यवस्था की गई है। हेलीकाप्टर का किराया चार हजार और बैलून का किराया 500 रुपया प्रति व्यक्ति है। मकर संक्रान्ति के अवसर कौशाम्बी में यमुना नदी के तट पर जिले के अलावा चित्रकूट, बांदा, झांसी, ललितपुर, फतेहपुर, कानपुर समेत प्रदेश के अन्य जिलों से बड़ी तादाद में श्रद्धालु डुबकी लगाते हैं। स्नान के बाद श्रद्धालु जल लेकर सूर्य को अघ्र्य देकर खिचड़ी का दान करते हैं। मनोवांछित फल प्राप्ति के लिए प्रभाषगिरि पर्वत की श्रद्धालु परिक्रमा करते हैं और बहुला देवी मंदिर में दर्शन-पूजन करते हैं। मिर्जापुर से प्राप्त समाचार के अनुसार गंगा में स्नान कर तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने माता विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन किया और घाट पर बैठे लोगों को रेवडी, खिचड़ी, वस्त्र और नकदी का दान किया। प्राचीन धार्मिक नगरी वाराणसी में मकर संक्रांति के अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाने के बाद घाट पर बैठे गरीबों को खिचड़ी, अन्न और वस्त्र दान किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। ऐतिहासिक दशाश्वमेध घाट, शीतला घाट और असि घाट पर स्थानीय एवं देशी-विदेशी श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला भोर से ही शुरू हो गया था। दशाश्वमेध घाट पर कई विदेशी श्रद्धालु भी गंगा मे डुबकी लगाते देखे गए। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गोमती के विभिन्न घाटों पर करीब आठ लाख श्रद्धालुओं ने स्नान कर नदी किनारे हनुमान सेतु, कुडिय़ाघाट मंदिर, निशातगंज हनुमान मंदिर, चौक स्थित कालीमंदिर, समेत अनेक मंदिरों में पूजा अर्चना की।


