राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर संजय राउत का हमला, ट्रस्ट भंग करने की मांग; बोले- निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई
संजय राउत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छोटे आर्थिक मामलों में एजेंसियां तेजी से कार्रवाई करती हैं, लेकिन इतने चर्चित मामले में अब तक कठोर कदम सामने नहीं आए हैं।

मुंबई: अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ट्रस्ट को तत्काल भंग करने की मांग करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता जताई।
ट्रस्ट को भंग करने की उठाई मांग
मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान संजय राउत ने आरोप लगाया कि राम मंदिर से जुड़े इस कथित वित्तीय अनियमितता के मामले को बेहद गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी सामने आती है तो ट्रस्ट की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह किसी एक व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि सुनियोजित तरीके से किया गया कथित कृत्य प्रतीत होता है। राउत ने कहा कि यदि कई लोग इसमें शामिल पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका पर भी उठाए सवाल
संजय राउत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छोटे आर्थिक मामलों में एजेंसियां तेजी से कार्रवाई करती हैं, लेकिन इतने चर्चित मामले में अब तक कठोर कदम सामने नहीं आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के बजाय संबंधित लोगों को संरक्षण दिया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर केंद्र सरकार या संबंधित एजेंसियों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आस्था से जुड़े मामले में पारदर्शिता की मांग
शिवसेना (यूबीटी) सांसद ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है और मंदिर में चढ़ाया गया दान पूरी तरह पारदर्शी तरीके से सुरक्षित रहना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए गए दान और आभूषणों के प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। राउत ने दावा किया कि कई मूल्यवान आभूषण और धार्मिक वस्तुएं गायब हैं। इन दावों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच प्रक्रिया जारी है।
बीजेपी पर लगाए राजनीतिक आरोप
संजय राउत ने इस पूरे विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले से जुड़े लोगों के राजनीतिक संबंधों की भी जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेतृत्व की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने संवेदनशील मामले में सरकार को स्पष्ट रुख सामने रखना चाहिए।
‘राम रक्षा आंदोलन’ की शुरुआत
राम मंदिर विवाद के बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई में ‘राम रक्षा आंदोलन’ की शुरुआत की है। पार्टी के अनुसार, यह अभियान मंदिरों की संपत्ति, धार्मिक संस्थानों की पारदर्शिता और श्रद्धालुओं की आस्था की सुरक्षा के उद्देश्य से चलाया जाएगा। सांसद संजय राउत ने कहा कि आंदोलन को पहले महाराष्ट्र और बाद में देश के अन्य राज्यों तक विस्तार दिया जाएगा।
हिंदुत्व समर्थकों से जुड़ने की अपील
आंदोलन की घोषणा करते हुए उद्धव ठाकरे ने अपने समर्थकों और हिंदुत्व की विचारधारा में विश्वास रखने वाले लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि अभियान की शुरुआत मुंबई के दादर से की गई, जहां कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ कर आंदोलन का शुभारंभ किया। ठाकरे ने इसे केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि धार्मिक संस्थाओं में जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग का अभियान बताया।
जांच और ट्रस्ट की बैठक पर टिकी नजर
राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर देशभर में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस जारी है। इस बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठकों और जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। मामले में अभी जांच जारी है और विभिन्न पक्षों की ओर से लगातार बयान सामने आ रहे हैं। ऐसे में आगे आने वाले आधिकारिक निष्कर्ष और जांच रिपोर्ट ही पूरे विवाद की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट करेंगे।


