बसपा सुप्रीमो मायावती ने चंद्रशेखर को बताया भाजपा का एजेंट, कहा- EVM में धांधली करके जितवाया नगीना से चुनाव
मायावती ने नगीना सांसद को लेकर दावा किया कि चंद्रशेखर आजाद का नगीना क्षेत्र में कोई खास जनाधार नहीं था, इसके बावजूद वह चुनाव जीत गए। उन्होंने आरोप लगाया कि EVM में कथित गड़बड़ी के जरिए बीजेपी ने उन्हें चुनाव जितवाया। मायावती ने यह भी आरोप लगाया कि चंद्रशेखर आजाद बीजेपी के इशारे पर काम करते हैं।

नई दिल्ली: Mayawati on Chandrashekhar Azad: बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पहली बार नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद पर सीधे तौर पर निशाना साधा है। मायावती ने आरोप लगाया कि चंद्रशेखर आजाद को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थन से चुनाव जिताया गया और उनका अपना कोई मजबूत जनाधार नहीं है। उन्होंने दलित समाज से अपील की कि वह चंद्रशेखर आजाद के कथित बहकावे में न आए। मायावती ने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है, जब उन्होंने चुनाव प्रक्रिया, EVM और VVPAT को लेकर भी अपनी पुरानी आपत्तियां दोहराईं। उन्होंने चुनाव आयोग से मतदाताओं के मन में चुनाव प्रक्रिया को लेकर किसी भी तरह का संदेह दूर करने की मांग की।
चंद्रशेखर आजाद पर मायावती के गंभीर आरोप
मायावती ने नगीना सांसद को लेकर दावा किया कि चंद्रशेखर आजाद का नगीना क्षेत्र में कोई खास जनाधार नहीं था, इसके बावजूद वह चुनाव जीत गए। उन्होंने आरोप लगाया कि EVM में कथित गड़बड़ी के जरिए बीजेपी ने उन्हें चुनाव जितवाया। मायावती ने यह भी आरोप लगाया कि चंद्रशेखर आजाद बीजेपी के इशारे पर काम करते हैं।
धरना-प्रदर्शन को लेकर भी साधा निशाना
बसपा प्रमुख ने चंद्रशेखर आजाद के आंदोलन और धरना-प्रदर्शन की राजनीति पर भी सवाल उठाए। मायावती का आरोप है कि चंद्रशेखर युवाओं को आंदोलनों में शामिल करते हैं और इसके बाद उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि नेताओं को युवाओं को ऐसे आंदोलनों में शामिल कराने के बजाय उनके मुद्दों के समाधान और उन्हें न्याय दिलाने की दिशा में काम करना चाहिए। मायावती ने दलित समाज से ऐसे राजनीतिक दावों और गतिविधियों को लेकर सावधान रहने की अपील की।
EVM पर BSP का पुराना विरोध दोहराया
मायावती ने अपने बयान में EVM के इस्तेमाल को लेकर BSP के पुराने रुख को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने शुरुआत से ही EVM के जरिए मतदान का विरोध किया है और इस व्यवस्था को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दी थी। उन्होंने VVPAT व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि केवल VVPAT मशीन लगाए जाने से उनकी पार्टी की चिंताएं दूर नहीं हुई हैं। मायावती ने दावा किया कि मतदान के बाद सभी VVPAT पर्चियों की गिनती नहीं की जाती, इसलिए मतदाताओं के मन में सवाल बने रह सकते हैं।
‘मतदाता को अपने वोट पर संदेह नहीं होना चाहिए’
मायावती ने कहा कि संविधान देश के नागरिकों को मतदान का अधिकार देता है और इसी अधिकार के जरिए जनता अपनी पसंद की सरकार चुनती है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 324 का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनाव कराने की जिम्मेदारी निर्वाचन आयोग की है। बसपा प्रमुख के मुताबिक, प्रत्येक मतदाता को यह भरोसा होना चाहिए कि उसका वोट उसी उम्मीदवार या पार्टी के पक्ष में दर्ज और गिना गया है, जिसे उसने चुना है। उन्होंने कहा कि मतदाता के मन में यह संदेह नहीं होना चाहिए कि उसका वोट किसी दूसरे उम्मीदवार के खाते में चला गया या उसकी गिनती किसी और के पक्ष में हुई।
चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखने की अपील
मायावती ने कहा कि यदि चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में लगातार संदेह बना रहता है, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर उनका भरोसा कमजोर हो सकता है। उन्होंने चुनाव आयोग से ऐसी भ्रांतियों और आशंकाओं को दूर करने के लिए कदम उठाने की अपील की। उन्होंने बैलेट पेपर के दौर का भी उल्लेख किया और कहा कि देश में लंबे समय तक इसी व्यवस्था के जरिए चुनाव हुए, जिसमें मतदान के बाद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मतपत्रों की गिनती होती थी।
BJP के पुराने EVM विरोध का भी जिक्र
मायावती ने दावा किया कि जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, उस समय बीजेपी की ओर से भी EVM की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाए जाते थे। उन्होंने कहा कि तब बीजेपी नेताओं की ओर से मशीन की इलेक्ट्रॉनिक चिप में छेड़छाड़ की आशंका जताई जाती थी। मायावती का कहना है कि सत्ता में आने के बाद बीजेपी ने EVM व्यवस्था को समाप्त करने के बजाय इसे जारी रखा। अब उनके बयान में EVM और चंद्रशेखर आजाद दोनों मुद्दों को जोड़ते हुए बीजेपी पर राजनीतिक निशाना साधा गया है।


