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कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर धमकी देने का लगाया आरोप: पवन खेड़ा

बिहार में मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर आज आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग कांग्रेस पार्टी को धमकी दे रहा है कि या तो वह हलफनामा दायर करे या माफ़ी मांगे

कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर धमकी देने का लगाया आरोप: पवन खेड़ा
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पवन खेड़ा ने चुनाव आयोग पर धमकी देने का लगाया आरोप

पटना। बिहार में मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर आज आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग कांग्रेस पार्टी को धमकी दे रहा है कि या तो वह हलफनामा दायर करे या माफ़ी मांगे।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने पटना में संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस इन धमकियों से डरने वाली नहीं है। अगर चुनाव आयुक्त को लगता है कि वह विपक्ष के नेता को डरा सकते हैं तो वह गलतफहमी में हैं। असल में वह देश के 60 प्रतिशत लोगों को धमका रहे हैं।

खेड़ा ने कहा कि राहुल गांधी की "मतदाता अधिकार यात्रा" का असर साफ़ दिख रहा है। यात्रा शुरू होते ही चुनाव आयोग को संवाददाता सम्मलेन बुलानी पड़ी, लेकिन मुद्दे का समाधान करने की बजाय चुनाव आयोग कांग्रेस को हलफनामा और माफ़ी मांगने की धमकी दे रहा है। कांग्रेस डरने वाली नहीं है, उन्होंने दुहराया।

उन्होंने कहा कि अगर किसी को पहले हलफनामा दाखिल करना चाहिये, तो वह चुनाव आयोग है। इसके बाद ही कांग्रेस अपने साक्ष्य पेश करेगी।

गौरतलब है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एक दिन पूर्व विपक्ष के नेता राहुल गांधी को कहा था कि वे या तो अपने दावों के समर्थन में हलफनामा दाखिल करें या माफ़ी मांगें। इस पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और आयोग पर अपनी विश्वसनीयता को खुद ही कमजोर करने का आरोप लगाया है।

खेड़ा ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग सीसीटीवी फुटेज देने से इसलिये मना कर रहा है क्योंकि इससे महिलाओं की निजता का हनन होगा, लेकिन उसी दिन कुछ ही घंटों में बिहार की 65 लाख लोगों की मशीन- रीडेबल सूची वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई।

इस अवसर पर कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने भी बीजेपी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान को चुराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा में सर्वे कांग्रेस की जीत बता रहे थे, लेकिन नतीजे कुछ और ही निकले।

कुमार ने कहा कि राहुल गांधी ने जब इलेक्ट्रॉनिक वोटर लिस्ट की मांग की तो चुनाव आयोग पारदर्शिता की जगह अब अपने ही बयानों में उलझ गया है। आयोग की यह जिद कि कांग्रेस पहले हलफनामा दे, ये दिखाता है कि उन्हें अपनी ही रिपोर्ट्स पर भरोसा नहीं है।

उन्होंने कहा कि असली मतदाताओं को कागज़ी कारवाई के नाम पर परेशान किया जा रहा है और आयोग निष्पक्ष चुनाव कराने की बजाय 'सुप्रीम लीडर' की छवि चमकाने में जुटा है।


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