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बिहार के राजनीतिक दल कायस्थों की भागीदारी तय करें : कायस्थ महासभा

चुनावी वर्ष में अब जातीय संगठनों ने भी अपनी दावेदारी शुरू कर दी

बिहार के राजनीतिक दल कायस्थों की भागीदारी तय करें : कायस्थ महासभा
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पटना। चुनावी वर्ष में अब जातीय संगठनों ने भी अपनी दावेदारी शुरू कर दी है। अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने बुधवार को बिहार के सभी राजनीतिक दलों से कायस्थों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की है। इस क्रम में महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविनंदन सहाय ने विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस से कायस्थ को उम्मीदवार बनाने की मांग की है। सहाय ने बुधवार को पटना में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विधानसभा कोटे से 9 पार्षदों का चुनाव किया जाना है। विधानसभा के वर्तमान सदस्यों के आधार पर कांग्रेस पार्टी से एक पार्षद का कोटा तय माना जा रहा है।

उन्होंने कहा, "कांग्रेस पार्टी में सतत ही कायस्थों की भूमिका अग्रगण्य रही है। कायस्थ समाज से पूर्व में भी हमारे कई मुख्यमंत्री एवं मंत्री रह चुके हैं। कांग्रेस ने 32 साल पूर्व भुवनेश्वर प्रसाद वर्मा को विधान परिषद भेजा था।"

सहाय ने घोषणा करते हुए कहा कि इस चुनाव में कायस्थ महासभा ने पटना महानगर के पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के सचिव सुजीत कुमार सिन्हा 'दीपू' जो कायस्थ महासभा के भी अधिकारी हैं, को प्रत्याशी की दोवदारी दी है। उन्होंने कांग्रेस से भी सुजीत को प्रत्याशी बनाने की मांग की है।

सहाय ने अन्य दलों से भी चुनावों में कायस्थों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने कहा कि पार्टियां कायस्थों के वोट तो ले लेती है, लेकिन इस समाज को भागीदारी नहीं देती।


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