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मप्र में आत्म समर्पण करने वाले नक्सली और नक्सल प्रभावितों के लिए नीति मंजूर

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक मुख्यमंत्री निवास ‘समत्व भवन‘ में हुई

मप्र में आत्म समर्पण करने वाले नक्सली और नक्सल प्रभावितों के लिए नीति मंजूर
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भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक मुख्यमंत्री निवास ‘समत्व भवन‘ में हुई। इस बैठक में मध्यप्रदेश नक्सली आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति-2023 को मंजूरी दी गई।

इस नीति के मुताबिक आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों को समाज की मुख्य धारा में लाने और प्रभावितों के परिवारों की मदद के प्रावधान किए गए है। मंत्रि-परिषद द्वारा आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को लाभकारी रोजगार और उद्यमशीलता के अवसरों को प्रदान करने के उद्देश्य से 'मध्यप्रदेश नक्सली आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति- 2023' स्वीकृत की गई है।

मध्यप्रदेश नक्सली आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति से राज्य में उत्पन्न वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।

इस नीति का मुख्य उद्देश्य हिंसा का रास्ता त्यागकर स्वेच्छा से आत्मसमर्पण करने वालों को मुख्यधारा में शामिल करना है।

नीति के अनुसार आत्म-समर्पण कर्ता को पुनर्वास हेतु गृह निर्माण के लिए 1.50 लाख, हथियार समर्पण के लिए अनुग्रह राशि 10 हजार से 4.50 लाख रुपये तक, विवाह के लिए प्रोत्साहन राशि 50 हजार रुपये, तात्कालिक आवश्यकता पूर्ति के लिए 5 लाख या घोषित पुरस्कार राशि, जो भी अधिक हो, अचल सम्पत्ति क्रय के लिए 20 लाख रुपये, व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए 1.50 लाख रुपये दिए जायेंगे।

साथ ही आयुष्मान भारत योजना और खाद्यान्न सहायता योजना का लाभ भी प्रदान किया जाएगा।

नक्सल हिंसा में प्रभावितों की सहायता के लिए भी नीति में प्रावधान किये गये हैं। इसके अनुसार हिंसा से प्रभावित नागरिक की मृत्यु होने पर पीड़ित परिवार को 15 लाख, मृत सुरक्षा कर्मी के परिवार को 20 लाख और शारीरिक अक्षमता पर 4 लाख रूपये प्रदान किये जायेंगे।

नक्सल हिंसा में नागरिक की मृत्यु होने पर परिवार के सदस्य को तृतीय या चतुर्थ श्रेणी के पद पर नियुक्ति दी जायेगी। नीति के मुताबिक नक्सल हिंसा में अचल सम्पत्ति की पूर्णत: क्षति होने पर 1.50 लाख और आंशिक क्षति होने पर अधिकतम 50 हजार रूपये दिये जायेंगे।

इसके साथ शासन की विभिन्न योजनाओं के साथ-साथ पीड़ित परिवार को आयुष्मान भारत योजना और खाद्यान्न सहायता योजना का लाभ भी दिया जायेगा।

मंत्रि-परिषद द्वारा पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलने वाले भत्तों में वृद्धि के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है।

मंत्रि-परिषद द्वारा राज्य शासन के पेंशनरों व परिवार पेंशनरों को एक जुलाई, 2023 (भुगतान माह अगस्त, 2023) से देय महंगाई राहत की दर में वृद्धि करने की स्वीकृति दी गई है। निर्णय अनुसार महंगाई राहत की दर सातवें वेतनमान अंतर्गत 42 प्रतिशत और छठवें वेतनमान अंतर्गत 221 प्रतिशत की गई है।

इस निर्णय से शासन पर अनुमानित 410 करोड़ रूपये का अतिरिक्त व्यय भार संभावित है ।


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