कौशल विकास के जरिए सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए पायलट योजना : धर्मेन्द्र प्रधान
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) कौशल प्रशिक्षण संस्थानों में उद्यमिता शिक्षा और उद्यमिता नेटवर्क तक आसान पहुंच के माध्यम से उद्यमिता विकास के लिए एक तंत्र विकसित कर रहा है

नई दिल्ली। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) कौशल प्रशिक्षण संस्थानों में उद्यमिता शिक्षा और उद्यमिता नेटवर्क तक आसान पहुंच के माध्यम से उद्यमिता विकास के लिए एक तंत्र विकसित कर रहा है। सक्षम पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए एक पायलट योजना, प्रधानमंत्री युवा (पीएम युवा) योजना लागू की है। पायलट योजना को उत्तराखंड सहित दस राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जा रहा है। केंद्र सरकार के मुताबिक अब तक इस योजना से लगभग 60 हजार उम्मीदवार लाभान्वित हुए हैं, जिनमें उत्तराखंड राज्य के 3,836 उम्मीदवार शामिल हैं।
यह जानकारी केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने शुक्रवार को राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
इसके अलावा, इस मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संगठन, भारतीय उद्यमिता संस्थान (आईआईई), गुवाहाटी भी उद्यमिता विकास पर विशेष ध्यान देने के साथ लघु और सूक्ष्म उद्यमों (एसएमई) में प्रशिक्षण, अनुसंधान और परामर्श गतिविधियां प्रदान कर रहा है। आईआईई द्वारा संचालित 6700 से अधिक कार्यक्रमों के माध्यम से अब तक लगभग 2.5 लाख व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया गया है।
केंद्र सरकार का कौशल मंत्रालय इसके अलावा 1 लाख कोरोना योद्धाओं को भी प्रशिक्षण दे रहा है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशिक्षित हुए युवा कोरोना फ्रंटलाइन वर्कर्स की मदद कर सकेंगे। कौशल मंत्रालय में देशभर के युवाओं के लिए यह कार्यक्रम इसी वर्ष जून में शुरू किया है।


