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अगले 25 वर्षों तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया लोगों ने : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि लोगों ने अगले 25 वर्षों तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है।

अगले 25 वर्षों तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया लोगों ने : पीएम मोदी
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नयी दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि लोगों ने अगले 25 वर्षों तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से राष्ट्रीय रोजगार मेले के तहत लगभग 70 हजार नवनियुक्तों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के बाद कहा, “रोजगार मेला युवाओं को सशक्त बनाने और देश की प्रगति में उनकी सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने का एक अच्छा प्रयास है।”
पीएम मोदी ने कहा, “वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के हमारे प्रयासों में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।” देशभर में 44 स्थानों पर रोजगार मेला आयोजित किया जा रहा है। इस पहल का समर्थन करने वाले केंद्र सरकार के विभागों के साथ-साथ राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों में भर्तियां हो रही हैं।
उन्होंने कहा,“ जब देश विकास के पथ पर काम कर रहा है और आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान सरकारी कर्मचारी के रूप में काम करने का अवसर मिलना एक बड़ा सम्मान है।” उन्होंने कहा हालांकि बैंकिंग क्षेत्र में नियुक्ति पत्र अधिक बांटे जाते हैं, लिहाजा युवा कर्मचारियों की भूमिका और जिम्मेदारी भी बढ़ गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “आज भारत उन देशों में से एक है जहां बैंकिंग सेक्टर सबसे मजबूत माना जाता है, लेकिन नौ साल पहले ऐसी स्थिति नहीं थी। उन्होंने कहा कि जिन सरकारी बैंकों की चर्चा एनपीए के कारण हजारों करोड़ के घाटे के लिए होती थी, आज उन सरकारी बैंकों की चर्चा रिकॉर्ड मुनाफे के लिए हो रही है।”
पीएम मोदी ने कहा कि देशभर में करीब 50 करोड़ जनधन खाते खोले गए हैं और ये बैंक के हर कर्मचारी के लिए बहुत गर्व की बात है। उन्होंने “फोन बैंकिंग घोटाले” पर भी प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री ने कहा, “पिछली सरकार के दौरान यह सबसे बड़े घोटालों में से एक था, जिससे बैंकिंग सेक्टर की रीढ़ टूट गई थी।”
उन्होंने कहा, “2014 में सरकार ने देश में सरकारी बैंकों के प्रबंधन को मजबूत किया और 'दिवालियापन संहिता' कानून बनाया, ताकि अगर कोई बैंक बंद हो जाए तो उसे कम से कम नुकसान की संभावना हो।”
रोजगार मेला रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में एक कदम है। उम्मीद है कि यह मेला आगे रोजगार सृजन के लिए उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगा और युवाओं को उनके सशक्तिकरण और राष्ट्रीय विकास में भागीदारी के लिए सार्थक अवसर प्रदान करेगा।
नवनियुक्त नियुक्तियों को कर्मयोगी प्रारंभ के माध्यम से खुद को प्रशिक्षित करने का अवसर भी मिल रहा है, जहां 580 से अधिक ई-लर्निंग पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं।


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