Top
Begin typing your search above and press return to search.

कोतरी नदी पर पुल नहीं बनने से लोगों को परेशानी

ग्राम पंचायत हरदीबांध वासी आज भी विकास की बांट जोह रहा है.उनको अपने ही गांव जाने के लिये कोतरी नदी में पुल नही होने से नदी में बरसात के दिनो में तैर कर जाना पड़ता है

कोतरी नदी पर पुल नहीं बनने से लोगों को परेशानी
X

लोरमी। ग्राम पंचायत हरदीबांध वासी आज भी विकास की बांट जोह रहा है.उनको अपने ही गांव जाने के लिये कोतरी नदी में पुल नही होने से नदी में बरसात के दिनो में तैर कर जाना पड़ता है। इसे अधिकारियों की उदासिनता कहे या फिर जनप्रतिनिधियों की लापरवाही इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश के साथ साथ गांव का कितना विकास हो पाया है।

आजादी के 70 वर्ष बाद भी ग्राम हरदीबांध के कोतरी नदी में पुल नही बन पाया है। ग्रामीण अपने जुगाड़ु ब्यवस्था कर नदी को पार कर रहे है। इसकी खबर देशबन्धु ने 2 मार्च 2017 के अंक में प्रकाशित करने के बाद शासन ने कलेक्टर से जवाब मांगा था लेकिन सिर्फ कागजी घोड़ा ही दौड़ाया गया। आदेश के 9 महिने बाद भी पुल नही बनाया जा सका है।

एक ओर तो प्रदेश में विकास की गंगा बहने की बात बड़ी दमदारी के साथ प्रदेश के मुखिया के द्वारा कही जा रही है लेकिन गांवो की वस्तुस्थिती ही कुछ और है.। स्थिती है कि लोग आज भी नदी नालो को तैर कर या फिर अपने किसी जुगाड़ु ब्यवस्था से पार कर जाने मजबूर है. अब ग्रामीण करे तो क्या करे बेचारे ग्रामीण किसी तरह अपनी जीवकोर्पजन के लिये टूटे हुये खंभे व मिट्टी के बोरी को रखकर नदी पार कर रहे है जो कभी भी इस नदी में पार करते हुये ग्रामीण गिर कर अपनी जान गंवा सकते है.।

ग्रामीणो ने यह भी बताया कि प्रतिवर्ष नदी में पुल बनाने की मांग जनप्रतिनिधियों व अधिकारियो से की जा चुकी है लेकिन आज तक इस पर कोई भी संज्ञान नही लिया गया अगर अधिकारी या फिर जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान देते तो आज ग्रामीणो का यह स्थिती नही होती।

कई हो चुके हैं घायल

नदी में पुल नही होने से पुल को पार करने के लिये ग्रामीण अपने हिसाब से टूटे हुये खंभे का जुगाड़ बनाकर नदी पार करते है नदी पार करते समय कई बार ग्रामीण गिर जाते है एक ब्यक्ति का तो पैर ही टूट गया तथा उनके सिर पर गंभीर चोटे भी आई थी। लगता है हाट बाजार,सब्जी ब्यापारी कंधे में उठाकर ले जाते है सामान-ग्राम पंचायत हरदी में रविवार को बड़ा हाट बाजार लगता है जिसमें सभी प्रकार के सामान बाजार में बिकने के लिये आते है।

लेकिन नदी में पुल नही होने के कारण सब्जी ब्यापारियो तथा खरीदी करने वाले लोगो को भारी परेशानीयों का सामना करना पड़ता है.सब्जी ब्यापारी अपने वाहनो को नदी से पहले रखकर कंधे में उठाकर सब्जी के सामान को ले जाते है.अब आलम यह हो जाती है कि कभी कभी बेचारे इन सब्जी विकेेताओ का सब्जी नदी में ही गिर जाता है।

हाईस्कूल नही होने से बच्चे बरसात के दिनो में नही आते दूसरे गांव पड़ने-गांव में हाईस्कूल नहीं होने से बच्चे 9 वी 10 वी 11 वी एवं 12 वी की पढ़ाई करने के लिये बच्चे अपने पड़ोसी गांव डोंगरिया आते है और बरसात के समय में नदी में पानी ज्यादा होने के कारण बच्चे नदी पार करना मुनासिब नही समझते और घरो में 2 से तीन महिनो तक अपना पढाई घर में रहते हुये करते है।

मुख्य सचिव के आदेश को सिर्फ दौड़ाया

लगातार खबर प्रकाशित होने की जानकारी होने पर छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव के द्वारा मुंगेली कलेक्टर को एक पत्र आया जिसमें हरदी बांध के कोतरी नदी के पुलिया बनाने का जिक्र किया गया था लेकिन यह पत्र केवल कागजी घोड़ा साबित हुआ. प्राप्त जानकारी के अनुसार कलेक्टर ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों को वहां पर जाकर स्टीमेट बनाने के निर्देश दिऐ गऐ थे लेकिन अभी तक न तो जिम्मेदार अधिकारी पहुचे और न ही पुलिया का निर्माण शुरू हो पाया।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it