लम्बित भुगतान को लेकर मनरेगा मजदूरों में आक्रोश
पिथौरा ! मनरेगा भुगतान में हुए गड़बड़ी को लेकर शासन प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे है गड़बड़ी करने वाले पंचायत सचिव व प्रभारी रहे

जिम्मेदारी से बचने अधिकारी एक-दूसरे को बता रहे प्रभारी
पिथौरा ! मनरेगा भुगतान में हुए गड़बड़ी को लेकर शासन प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे है गड़बड़ी करने वाले पंचायत सचिव व प्रभारी रहे पंचायत उपसरपंच के उपर मनरेगा में हुए गड़बड़ी का जांचकर दोषियो के उपर कड़ी से कड़ी कार्यवाही कर मनरेगा मजदुरो का भुगतान जल्द से जल्द करावें। ग्राम पंचायत अमलीडीह के कई मनरेगा हितग्राहीयों को मजदुरी भुगतान नहीं मिला है पंचायत सचिव व पंचायत प्रभारी रहे उपसरपंच की मिलीभगत से मजदुरो की मजदुरी को निकाल ली गयी है।
अमलीडीह पंचायत के आश्रित ग्राम पटपरपाली के तालाब गहरीकरण के मद से करीब 9 लाख रूपये का कार्य किया गया था जिसमें ग्राम पंचायत के आधे मजदुरो का भुगतान कर बाकि कुछ मजदुरो का भुगतान की राशि का पंचायत प्रभारी उपसरपंच व पंचायत सचिव की मिलीभगत से 25 मजदुरो को मजदुरी नहीं दिया गया तालाब गहरीकरण कार्य करने के कई माह बित जाने के बाद भी राशि नहीं मिली है इस संबंध में ग्रामीण जब प्रभार में रहे उपसरपंच से पुछते है तो रोजगार गारंटी में कार्य कर रहे मेट के उपर जिम्मा थोप देते है। जनपद पंचायत पिथौरा में कार्यक्रम अधिकारी ने जानकारी दी है कि पैसा भेजा जा चुका है और बैंक में पता करे या फिर पंचायत सचिव व प्रभारी उपसरपंच से जानकारी प्राप्त करे किंतु मनरेगा हितग्राहियों ने जब भी अपनी मजदुरी के लिए इनके पास गये तो उन्हे खाली हाथ वापस आना पड़ा आखिर कार एफटीओ होने के बाद भी पैसा कहां गया? ये पुरी जिम्मेदारी मनरेगा में कार्य कराने वाले पंचायत सचिव व प्रभारी उपसरपंच की गड़बड़ी के कारण अभी तक मजदुरो को पैसा नहीं मिल पाया है मजदुरो को तरह-तरह से गुमराह किया जा रहा है मजदुरो ने कई बार जनपद पिथौरा जाकर अधिकारी से फरियाद कर चुके हैं। अधिकारी कर्मचारी व शासन - प्रशासन ग्राम पंचायत अमलीडीह के मनरेगा मजदुरो को उनकी मजदुरी दिलाने में रूचि लेने में असमर्थ दिखायी दे रहे है।


