पाकिस्तान सर्वोच्च अदालत ने मांगी मुशर्रफ और जरदारी की संपत्ति की जानकारी
पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत ने बुधवार को 2007 में जारी राष्ट्रीय सुलह अध्यादेश (एनआरओ) की वजह से हुए नुकसान की भरपाई पर मुकदमे की सुनवाई करते हुए

इस्लामाबाद। पाकिस्तान की सर्वोच्च अदालत ने आज 2007 में जारी राष्ट्रीय सुलह अध्यादेश (एनआरओ) की वजह से हुए नुकसान की भरपाई पर मुकदमे की सुनवाई करते हुए पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ और आसिफ अली जरदारी की संपत्ति की जानकारी मांगी है।
'डॉन' ऑनलाइन की रपट के अनुसार, मुशर्रफ ने एनआरओ पांच अक्टूबर, 2007 को जारी किया था। अध्यादेश के तहत राजनेताओं के खिलाफ मुकदमे हटा दिए गए, जिससे देश में उनकी वापसी का मार्ग प्रशस्त हुआ।
मुख्य न्यायाधीश साकिब निसार ने पूर्व अटॉर्नी जनरल मलिक कय्यूम को भी उनकी संपत्ति का ब्योरा देने का आदेश दिया है।
न्यायाधीश निसार ने कहा, "मेरे मन में हजारों ऐसे लोग हैं, जिनसे हमें पूरी (संपत्ति के) विवरण लेने हैं।"
अदालत ने आदेश दिया कि सभी उत्तरदाताओं को अदालत में जमा किए गए हलफनामे में विदेशों में संपत्ति के साथ ही विदेशी खातों और कंपनियों की घोषणा करनी चाहिए।
निसार ने उत्तरदाताओं से अपने परिवार के सदस्यों की संपत्तियों का ब्योरा जमा करने को भी कहा है। इस मामले में अपना जवाब देने के लिए मुशर्रफ को दो सप्ताह का समय दिया गया है।


