मछली पालन के लिए तालाब ठेके पर दिए जाने का विरोध
सारंगढ विकासखंड के अधीनस्थ ग्राम पंचायत हिर्री मे स्थित डबरी तालाब का दस वर्षीय ठेका अभी हाल ही मे खत्म होने के पश्चात इस तालाब मे पुन:मछली पालन का ठेका पंचायत के कुछ पंचगणो के रिश्तेदारो को दे दिये
ग्रामीणों ने एसडीएम व अन्य आधिकारियों को सौंपा ज्ञापन
रायगढ़। सारंगढ विकासखंड के अधीनस्थ ग्राम पंचायत हिर्री मे स्थित डबरी तालाब का दस वर्षीय ठेका अभी हाल ही मे खत्म होने के पश्चात इस तालाब मे पुन:मछली पालन का ठेका पंचायत के कुछ पंचगणो के रिश्तेदारो को दे दिये जाने की खबर सुनकर गांव के निवासी लामबंद होकर उक्त ठेके का विरोध कर रहे है। पिछले माह जिला कलेक्टर के नाम प्रेषित पत्र मे गाँव वासियो को कलेक्ट्रेट से मिले आश्वासन के बाद एक अप्रैल को ग्राम पंचायत हिर्री द्वारा उक्त मसले पर प्रस्ताव पास किये जाने और आज इस मछली पालन का रजिस्ट्री सारंगढ उप पंजीयन कार्यालय मे होने के बाद हिर्री गांववासी ग्राम पंचायत के हिटलरी रवैय्ये की शिकायत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और सारंगढ जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ज्ञापन सौपकर किये है।
ग्राम हिर्री निवासी महेश राम धनाराम जोल्हे जन्मजय संजय जोल्हे लक्ष्मीनारायण मोंगराबाई पूर्णिमा बिनोद तुलाराम इत्यादि सैकड़ो नागरिक आज स्थानीय उप पंजीयन कार्यालय पहुँच कर उप पंजीयक को अपने गांव स्थित डबरी तालाब मे मछली ठेका का रजिस्ट्री नही करने के लिये सामूहिक ज्ञापन जब दिये तो उप पंजीयक ने ज्ञापन लेने से इंकार कर दिया।इसके बाद हिर्री ग्रामवासी एसडीएम आई एल ठाकुर से मिले एसडीएम ने इनको कहा कि जो भी शिकायत ज्ञापन है उसे बाबू (क्लर्क) को दे दो जैसे भी कार्यवाही हो सकेगी हम करेंगे।गांववासियो को यह कहकर एसडीएम कोई काम से बाहर चले गये उनके अधीनस्थ बाबू ने हिर्री ग्रामजनो का ज्ञापन तो लिया किन्तु पावती मे दफ्तर का सील भी नही लगाया।
स्थानीय एसडीएम कार्यालय के बाबू जब से एसडीएम श्री ठाकुर यहां पदस्थ हुये है तब से मनमानी काम-धाम के साथ ही लोगो को बेवज़ह परेशान करना उन्हे बेमतलब आफिस का चक्कर लगवाने मजबूर करते है।आज एक बाबू से जो हिर्री ग्रामजनो का उक्त आवेदन लिये और जब पावती मे सील लगाकर कर नही दियै तो बाबू और हिर्री वासियो के बीच कहासुनी भी हुई।तहसील आफिस मे ज्ञापन सौपने के बाद हिर्री के नागरिक जनपद कार्यालय मे मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भी उक्त ज्ञापन दिये।समाचार लिखे जाने तक हिर्री तालाब के मामले मे पंचायत की मनमानी की जानकारी क्षेत्रीय विधायक केराबाई मनहर को देने के लिये उनकी प्रतीक्षा विधायक निवास जैलपारा मे कर रहे थे।
निस्तारी की समस्या
महज दो पैसे की अनाधिकृत फायदे की चाहत और मे भले ही गांव के मुखिया और मछली पालन को आतुर लोग तालाबो मे मछली पालन करते है।और तालाब मे मछली बीज डालते ही पूरे तालाब का पानी पूर्ण रुप से गंदा हो जाता है।जिसके बाद लोगो को निस्तारी की समस्याओ को झेलना पड़ता है।
ग्राम हिर्री का डबरी तालाब मे मत्स्य पालन का ठेका का विरोध गांव के जागरूक लोग कर रहे है। यहां क ई गांव ऐसे है जहाँ तालाबो मे मछली पालन का ठेका होने के बाद लोगो को निस्तारी की समस्या से जूझना पड़ रहा है।और वीडंबना है कि शिकायतो पर कार्यवाही ही नही होती।जानकार बुद्धीजीवियो का इस मामले मे कहना है कि शासन ने मछली पालन को प्रोत्साहित करने के लिये क ई योजना चला रही है इस योजना मे मत्स्य विभाग के साथ ही ग्राम पंचायत के लोग और मछली पालने वाले नियम कायदो को हासिये मे रखकर अपनी तिजोरी भर रहे है।इधर गाँव के लोग निस्तारी की समस्याओ से जूझ रहे है।


