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आदिवासी समाज का हिंसक प्रदर्शन: आदिवासी महिला की मौत के मामले में चल रहा विरोध प्रदर्शन समाप्त

आदिवासी महिला की मृत्यु होने को लेकर एक सप्ताह से जारी प्रदर्शन महिला चिकित्सक और सहायक के विरुद्ध प्रकरण दर्ज करने के उपरांत समाप्त हो गया।

आदिवासी समाज का हिंसक प्रदर्शन: आदिवासी महिला की मौत के मामले में चल रहा विरोध प्रदर्शन समाप्त
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बड़वानी, 12 फरवरी: मध्यप्रदेश के बड़वानी जिला मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल में कथित तौर पर चिकित्सकों की लापरवाही के चलते एक आदिवासी महिला की मृत्यु होने को लेकर एक सप्ताह से जारी प्रदर्शन महिला चिकित्सक और सहायक के विरुद्ध प्रकरण दर्ज करने के उपरांत समाप्त हो गया।
बड़वानी के अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) रूपरेखा यादव ने बताया कि महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर रूपाली राठौर और उनके सहायक भास्कर पवार के विरुद्ध भी लापरवाही से मृत्यु संबंधी धारा तथा आदिवासी उत्पीड़न एक्ट के तहत दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में पूर्व में डॉ चंद्रकांता गुप्ता के विरुद्ध प्रकरण दर्ज है।
उन्होंने बताया कि आदिवासी संगठनों को मामले की निष्पक्ष विवेचना का आश्वासन दिए जाने पर उन्होंने कल रात्रि बड़वानी कोतवाली और निजी अस्पताल में जारी अपना धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
आदिवासी संगठनों ने अपना आंदोलन पाटी विकासखंड की 25 वर्षीय दुर्गाबाई की 24 जनवरी को महामृत्युंजय अस्पताल में मृत्यु हो जाने के बाद 3 फरवरी से आरंभ किया था। उनका आरोप था कि महिला बच्चे नहीं होने की परेशानी के चलते मात्र परीक्षण के लिए भर्ती हुई थी और दूरबीन पद्धति से जांच के दौरान चिकित्सकों की लापरवाही के चलते उसकी मृत्यु हो गई थी।
वे लापरवाही से मृत्यु संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज होने से संतुष्ट नहीं थे और वह डॉक्टर चंद्रकांता गुप्ता उनकी पुत्रवधू डॉ सोनाली राठौर और सहायक भास्कर पवार के विरुद्ध अपराधिक मानव वध का प्रकरण दर्ज करने की मांग को लेकर आंदोलनरत थे। उनका आरोप था कि महामृत्युंजय अस्पताल के संचालक डॉ महेश अग्रवाल ने भी महिला की मृत्यु हार्ट अटैक से होने की भ्रामक जानकारी प्रदान की थी जबकि पोस्टमार्टम में रक्त स्राव के चलते मृत्यु होना सामने आया है।


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