देश में जातिगत जनसंख्या के आधार पर ही हो आरक्षण की व्यवस्था: जीतनराम मांझी
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) प्रमुख जीतनराम मांझी ने आज कहा कि देश में जातिगत जनसंख्या के आधार पर ही आरक्षण की व्यवस्था की जानी चाहिए

गया। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) प्रमुख जीतनराम मांझी ने आज कहा कि देश में जातिगत जनसंख्या के आधार पर ही आरक्षण की व्यवस्था की जानी चाहिए।
मांझी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जातिगत आधार पर जिसकी जितनी जनसंख्या हो उस हिसाब से आरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि राम मनोहर लोहिया ने भी कहा था, ‘जिसकी जितनी जनसंख्या भारी, उसको उतनी मिलेगी हिस्सेदारी।’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जातिगत संख्या बल के आधार पर आरक्षण की करने के लिए संविधान में संशोधन किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से जातिगत जनगणना को सार्वजनिक करने की मांग करते हुये कहा, “पूर्व की जातिगत जनगणना के अनुसार ही लोगों को आरक्षण मिल रहा हैं। हम अनुसूचित जाति से आते हैं।
हमें केवल 15 प्रतिशत आरक्षण मिलता हैं जबकि हमारी जाति की जनसंख्या वर्तमान में 25 से 30 प्रतिशत के आसपास है। उस हिसाब से हमें भी 25 से 30 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए। इसी तर्ज पर जिस समाज के लोगों की जितनी जनसंख्या है, उन्हें भी उस हिसाब से आरक्षण मिलना चाहिए।
मांझी ने सवर्णों की वकालत करते हुए कहा कि सवर्ण समुदाय में जो लोग गरीब हैं, उन्हें भी आर्थिक आधार पर आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।


