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उमर अब्दुल्ला ने कहा,-भाजपा नेता राम माधव आरोप साबित करें या माफी मांगें

 जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री व नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) नेता उमर अब्दुल्ला ने आज भाजपा नेता राम माधव के आरोप को खारिज करते हुए उन्हें साक्ष्य पेश करने या माफी मांगने की चुनौती दी

उमर अब्दुल्ला ने कहा,-भाजपा नेता राम माधव आरोप साबित करें या माफी मांगें
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श्रीनगर। जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री व नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) नेता उमर अब्दुल्ला ने आज भाजपा नेता राम माधव के आरोप को खारिज करते हुए उन्हें साक्ष्य पेश करने या माफी मांगने की चुनौती दी। भाजपा नेता राम माधव ने आरोप लगाया है कि नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी व कांग्रेस ने पाकिस्तान के इशारे पर साथ मिलकर सरकार बनाने की पहल की।

उमर अब्दुल्ला ने कहा, "मैं भाजपा के राम माधव द्वारा लगाए गए आरोपों को साबित करने की चुनौती देता हूं। आप के पास रॉ, एनआईए व आईबी और सीबीआई है। इसलिए लोगों के बीच सबूत पेश करें।"

उन्होंने कहा, "आरोप को साबित करें या फिर मांगने की क्षमता रखें। निशाना लगाकर भाग जाने की राजनीति नहीं करें।"

राम माधव ने इसका जवाब दिया, "उमर अब्दुल्ला, आपकी देशभक्ति को लेकर कोई सवाल नहीं है। लेकिन अचानक से एनसी व पीडीपी के बीच प्यार व सरकार बनाने को लेकर जल्दबाजी से कई संदेह पैदा हुए हैं। आपको ठेस पहुंचाने की कोई मंशा नहीं है।"

एनसी नेता ने जवाब दिया, "नहीं, बेतुके मजाकिया आरोप काम नहीं आएंगे। आप ने दावा किया है कि मेरी पार्टी पाकिस्तान के इशारे पर काम कर रही है। मैं आपको इसे साबित करने की चुनौती देता हूं।"

उन्होंने कहा, "आप नेशनल कांफ्रेंस द्वारा शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों का बहिष्कार पाकिस्तान के इशारे पर करने के अपने आरोप से जुड़े साक्ष्य सार्वजनिक करें। यह आपको व आपकी सरकार को खुली चुनौती है।"

भाजपा महासचिव ने यह आरोप बुधवार को राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा राज्य विधानसभा को तत्काल प्रभाव से भंग किए जाने से घंटे भर पहले एक साक्षात्कार में लगाए थे।

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने बुधवार की शाम को ट्वीट किया कि वह मलिक को राज्य में दो अन्य पार्टियों के साथ मिलकर सरकार बनाने के दावा करते हुए एक फैक्स भेजने की कोशिश कर रही हैं।

राज्यपाल सत्यपाल मलिक के कार्यालय से सदन को भंग करने के बारे में मीडिया को एक बयान जारी किया गया। इसमें कहा गया, "राज्यपाल खरीद-फरोख्त सहित विभिन्न स्रोतों से उन्हें मिली सामग्री के आधार पर इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं।"


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