Top
Begin typing your search above and press return to search.

ओबीसी संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में 2 तिहाई बहुमत से पारित

लोकसभा में मंगलवार को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से संबंधित 127वां संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में उपस्थित सदस्यों के दो तिहाई बहुमत से पारित हुआ

ओबीसी संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में 2 तिहाई बहुमत से पारित
X

नई दिल्ली। लोकसभा में मंगलवार को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से संबंधित 127वां संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में उपस्थित सदस्यों के दो तिहाई बहुमत से पारित हुआ। मोदी सरकार के इस विधेयक का कांग्रेस, सपा, बसपा सहित समूचे विपक्ष ने भी समर्थन किया। बिल को लेकर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में कुल 385 सदस्यों ने वोट दिया, जबकि खिलाफ एक भी वोट नहीं पड़ा। लोकसभा में केंद्र सरकार ने सोमवार को ही 'अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से संबंधित संविधान (127वां संशोधन) विधेयक, 2021' पेश किया था। इस विधेयक पर मंगलवार को चर्चा शुरू हुई। अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची तैयार करने का अधिकार राज्यों को देने से जुड़े इस विधेयक को विपक्ष का भी समर्थन मिला। विपक्ष ने भी एक मत होकर इस विधेयक का समर्थन किया। इस वजह से विधेयक के खिलाफ एक भी वोट नहीं पड़ा।

इस विधेयक को लेकर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि हर राज्य पिछड़े वर्गों की सूची बना सकता है और उसे बनाए रख सकता है। इस संशोधन से नियुक्ति के लिए अपनी ओबीसी सूची राज्य तैयार कर सकेंगे।

दोनों सदनों से इस विधेयक के पास होने के बाद राज्यों और केंद्र शासित प्रदशों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सूची तैयार करने का अधिकार मिलेगा। अभी तक यह अधिकार केंद्र के पास है।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने मई में आरक्षण पर पुर्नविचार से जुड़ी एक याचिका की सुनवाई करने की मांग खारिज करते हुए कहा था कि 102वें संविधान संशोधन के बाद ओबीसी की सूची बनाने का अधिकार राज्यों के पास नहीं, बल्कि केंद्र के पास है। इसके बाद केंद्र सरकार ने ओबीसी सूची तय करने का अधिकार राज्यों को देने के लिए 127वां संविधान संशोधन विधेयक लाने की पहल की है।

सदन में विपक्ष ने सरकार पर आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि आपको तख्तियां, नारे के लिए सदन में नहीं भेजा गया है। आपको गरीब, वंचित, दलित, आदिवासी लोगों की समस्याओं को उठाने के लिए सदन में भेजा गया है। प्रश्नकाल के दौरान हंगामा होता देख लोकसभा स्पीकर ने कहा कि प्रश्नकाल महत्वपूर्ण समय है। आप अपने स्थान पर जाएं। आप सदन नहीं चलाना चाहते, यह उचित नहीं है।

लोकसभा में बुधवार को दो अन्य विधेयक भी पास हुए। लोकसभा ने 'द नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन(अमेंड) बिल, 2021' और 'द नेशनल कमीशन फॉर होम्योपैथी (अमेंड) बिल, 2021' पास किया। मंगलवार को सदन की कार्यवाही पूरी होने के बाद बुधवार को 11 बजे तक के लिए सदन की कर्यवाही स्थगित कर दी।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it