शाह फैसल की याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस
दिल्ली उच्च न्यायालय ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा(आईएएस) के अधिकारी शाह फैसल की याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब देने का निर्देश दिया है।

नई दिल्ली । दिल्ली उच्च न्यायालय ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व भारतीय प्रशासनिक सेवा(आईएएस) के अधिकारी शाह फैसल की याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब देने का निर्देश दिया है।
नौकरशाह से राजनीति में उतरे शाह फैसल ने जम्मू-कश्मीर पीपील्स मूवमेंट पार्टी(जेकेपीएम) का गठन किया है। पूर्व नौकरशाह ने अपनी याचिका में उनके खिलाफ जारी लुक आउट सर्कुलर की प्रति मुहैया कराने का आग्रह किया है।
न्यायाधीश मनमोहन और न्यायाधीश संगीता ढींगरा सहगल की खंडपी ने आज शाह फैसल की याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर दो सितंबर तक जवाब देने को कहा है। न्यायालय इस मामले पर तीन सितंबर से सुनवाई शुरु करेगा।
शाह फैसल को 14 अगस्त को इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से हिरासत में लिया गया था। सरकार ने शाह फैसल को हिरासत में लिए जाने और उन्हें नजरबंद रखने के निर्णय को सही ठहराया हुए उच्च न्यायालय में हलफनामा दाखिल किया था। सरकार ने कहा कि शाह फैसला गैरकानूनी हिरासत में नहीं हैं। वह इस समय श्रीनगर में नजरबंद हैं।
पूर्व नौकरशाह के वकील ने याचिका में कहा है कि उनके मुवक्किल को इस बात की जानकारी नहीं है कि लुक आउट सर्कुलर किस आधार पर जारी किया गया है। अधिवक्ता ने कहा कि सर्कुलर शाह फैसल को केवल यात्रा करने से रोक सकता है किंतु उनकी गिरफ्तारी और हिरासत को उचित नहीं ठहराया जा सकता है।
शाह फैसल की तरफ से दायर याचिका में कहा गया है कि वह उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका जा रहे थे । उन्होंने कहा कि उन्हें ट्रांजिड रिमांड के बगैर जिस ढंग से कश्मीर लाया गया वह अपहरण की श्रेणी में आता है ।
उधर श्रीनगर के पुलिस महानिदेशक ने न्यायालय में दायर हलफनामे में कहा है कि अमेरिकी सरकार की तरफ से शाह फैसल को कोई छात्र वीजा नहीं दिया गया था।


