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अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ने नशे के खिलाफ 100 दिन के ‘नशा मुक्त स्ट्रीट शो’ का रखा प्रस्ताव

अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक (सेवानिवृत्त) ने प्रस्ताव रखा कि नशे की बढ़ती समस्या से लड़ने के लिए अगले 100 दिनों तक हर रविवार को पूरे राज्य में ‘नशा मुक्त स्ट्रीट शो’ आयोजित किए जाएं

अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ने नशे के खिलाफ 100 दिन के ‘नशा मुक्त स्ट्रीट शो’ का रखा प्रस्ताव
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ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक (सेवानिवृत्त) ने रविवार को प्रस्ताव रखा कि नशे की बढ़ती समस्या से लड़ने के लिए अगले 100 दिनों तक हर रविवार को पूरे राज्य में ‘नशा मुक्त स्ट्रीट शो’ आयोजित किए जाएं। इसका मकसद लोगों में जागरूकता फैलाना और खासकर युवाओं को इस मुहिम से जोड़ना है।

राज्यपाल ने रविवार को लोक भवन, ईटानगर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ के शुभारंभ और देश के युवाओं के साथ वर्चुअल बातचीत में हिस्सा लिया।

प्रधानमंत्री ने 100 हफ्ते का राष्ट्रव्यापी जन भागीदारी अभियान शुरू किया और देश भर के 10,000 से ज्यादा स्थानों से जुड़े 1 करोड़ से अधिक युवाओं को संबोधित किया। इसमें अरुणाचल प्रदेश के शैक्षणिक संस्थान और युवा केंद्र भी शामिल थे। इस राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम में नशा मुक्त, स्वस्थ और विकसित भारत बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया गया और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को दोहराया गया।

वर्चुअल बातचीत के बाद राज्यपाल ने अधिकारियों के साथ बैठक की और नशे के खिलाफ जन-आधारित अभियान चलाने पर जोर दिया। समुदाय की भागीदारी को जरूरी बताते हुए राज्यपाल ने गांव स्तर पर ‘पहचान-सलाह-रोकथाम-कौशल’ का तरीका अपनाने की वकालत की।

उन्होंने गांव बुराहों (गांव के मुखिया), समुदाय के बुजुर्गों और पंचायत नेताओं से कहा कि वे नशे की चपेट में आ सकने वाले युवाओं की पहचान करें, प्रभावित परिवारों को सलाह दें और गांवों में नशे को रोकने में मदद करें।

सर्कल स्तर पर उन्होंने पुनर्वास और रिकवरी के कामों में स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को शामिल करने का सुझाव दिया।

लेफ्टिनेंट जनरल परनाइक (सेवानिवृत्त) ने आगे कहा कि जो युवा नशे से उबर चुके हैं उन्हें ‘एडीए - एंटी ड्रग्स एंबेसडर’ बनाया जाए ताकि वे दूसरों को रिकवरी के लिए प्रेरित और मार्गदर्शन कर सकें। उन्होंने हाल ही में पश्चिम कामेंग जिले के रूपा में ‘नशे को न कहो, फुटबॉल को हां कहो’ थीम के साथ शुरू हुए रूपा फुटबॉल लीग - इंडिपेंडेंस कप फुटबॉल टूर्नामेंट का जिक्र करते हुए कहा कि नशे की रोकथाम के लिए कौशल विकास, युवाओं को रचनात्मक कामों से जोड़ना और खेलों में ज्यादा भागीदारी जरूरी है।

उन्होंने नशे की तस्करी के रास्तों, नेटवर्क और तस्करों की पहचान के लिए तकनीक और खुफिया निगरानी के इस्तेमाल पर भी जोर दिया।

राज्यपाल ने कानून को सख्ती से लागू करने की बात कहते हुए कहा कि नशे से जुड़े अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 और अन्य संबंधित कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।


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