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मणिपुर के मुख्यमंत्री ने 2047 तक विकसित भारत के लिए जनता से योगदान का आह्वान किया

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने राज्य की जनता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के विजन में योगदान देने का आह्वान किया।

मणिपुर के मुख्यमंत्री ने 2047 तक विकसित भारत के लिए जनता से योगदान का आह्वान किया
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इंफाल। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने मंगलवार को राज्य की जनता से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के विजन में योगदान देने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के विकास पथ में मणिपुर की सक्रिय भागीदारी के लिए शांति, आपसी विश्वास और सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।

खेमचंद सिंह इंफाल के याओरंग सबल कम्युनिटी हॉल में आयोजित सेवा संकल्प अभियान में बोल रहे थे।

नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक सेवा पर बोलते हुए मुख्यमंत्री से लेकर भारत के प्रधानमंत्री बनने तक की उनकी 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में 11वें स्थान पर था और कहा कि उनके नेतृत्व में भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में चौथे स्थान पर पहुंच गया है।

मुख्यमंत्री का संदर्भ देश के पूर्व में चौथे स्थान पर पहुंचने से था। 3 मई, 2023 को शुरू हुए जातीय संघर्ष के बाद मणिपुर को जिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, उनका जिक्र करते हुए खेमचंद सिंह ने कहा कि जनता और सरकार दोनों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि जातीय हिंसा ने राज्य के जीएसटी राजस्व को भी बुरी तरह प्रभावित किया है, जिसके परिणामस्वरूप 1,200 करोड़ रुपए से अधिक की गिरावट आई है।

मुख्यमंत्री ने बंद और नाकाबंदी के कारण दिहाड़ी मजदूरों और समाज के अन्य वर्गों को होने वाली कठिनाइयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक दिन के बंद से लगभग 20-25 करोड़ रुपए का आर्थिक नुकसान हो सकता है, जिसका सबसे अधिक प्रभाव आम जनता और दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ता है।

लोगों और नागरिक समाज संगठनों से अपील करते हुए खेमचंद सिंह ने सभी संबंधित पक्षों से बंद का सहारा न लेने का आग्रह किया और कहा कि इस तरह की बाधाएं आम लोगों की आजीविका और राज्य की समग्र अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित करती हैं।

विकसित भारत 2047 के विजन पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक एक विकसित राष्ट्र में बदलने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मणिपुर को भी इस राष्ट्रीय विकास यात्रा में योगदान देना चाहिए और इससे लाभ उठाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मणिपुर के विकास के लिए शांति आवश्यक है और विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास की कमी को दूर करने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने समुदायों के बीच आपसी समझ, विश्वास और सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया ताकि राज्य विकास के पथ पर आगे बढ़ सके। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित सरकारी अधिकारियों को भी सलाह दी कि वे जनता के कल्याण के लिए अपनी-अपनी जिम्मेदारियों के दायरे में सभी आवश्यक उपाय करें और यह सुनिश्चित करें कि सरकारी योजनाएं और सेवाएं लक्षित लाभार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचें।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा स्थापित 30 से अधिक सेवा स्टॉल और काउंटर खोले गए, जिससे लोगों को सरकारी सेवाओं, सूचनाओं और कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच प्राप्त हुई।

कार्यक्रम में पटसोई विधानसभा क्षेत्र के विधायक सपाम कुंजकेश्वर (केबा) सिंह, उपायुक्त (इम्फाल पश्चिम) मयांगलांबम राजकुमार सिंह, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, स्थानीय प्रतिनिधि और निर्वाचन क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।


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