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इंफ्रास्ट्रक्चर और नागरिक सेवाओं से कोई समझौता नहीं: सीएम माणिक साहा

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि लोगों तक सभी बुनियादी नागरिक सुविधाओं और जरूरी सेवाओं को पहुंचाना राज्य सरकार की सबसे अहम प्राथमिकताओं में से एक है

इंफ्रास्ट्रक्चर और नागरिक सेवाओं से कोई समझौता नहीं: सीएम माणिक साहा
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अगरतला। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने मंगलवार को कहा कि लोगों तक सभी बुनियादी नागरिक सुविधाओं और जरूरी सेवाओं को पहुंचाना राज्य सरकार की सबसे अहम प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि बुनियादी ढांचे के विकास, पारदर्शिता और नागरिकों पर केंद्रित सेवाओं के विस्तार से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगरतला नगर निगम (एएमसी) पूरे नगर निगम इलाके में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर बनाकर नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठा रहा है। राज्य सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और नागरिक सेवाओं के विस्तार में कोई समझौता नहीं करना चाहती है।

साहा ने मंगलवार को अगरतला के बाराडोवाली में एएमसी के वार्ड नंबर 40 के नए बने वार्ड ऑफिस का उद्घाटन करते हुए ये बातें कहीं।

राज्य की राजधानी में आए बदलावों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार की ओर से शुरू की गई सुनियोजित विकास परियोजनाओं के कारण 2019 से अगरतला में काफी बदलाव आए हैं।

उन्होंने कहा कि पहले सरकार की लापरवाही के कारण म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन इलाके में कई जलाशय पाट दिए गए थे और सड़कों की जमीन पर कब्जा कर लिया गया था, जिससे पूरे शहर में सीवेज मैनेजमेंट की गंभीर समस्याएं पैदा हो गई थीं। पिछले कुछ सालों में मौजूदा राज्य सरकार ने एएमसी के साथ मिलकर अगरतला को साफ-सुथरा, ज्यादा व्यवस्थित और बेहतर ढंग से प्रबंधित शहर बनाने के लिए सुनियोजित विकास पहल लागू की हैं।

साहा ने बताया कि म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन इलाके के अलग-अलग हिस्सों में 24 जलाशयों का नवीनीकरण और सौंदर्यीकरण कुल 137 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है, जिससे शहर के पर्यावरण और शहरी स्वरूप में काफी सुधार हुआ है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के उन इलाकों में घरों तक पीने का पानी पहुंचाना सुनिश्चित किया है, जहां के निवासी कई सालों से पीने के पानी से वंचित थे।

साहा ने कहा कि शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों के फायदे के लिए टाउनशिप प्रोजेक्ट भी शुरू किए गए हैं। इन पहलों के तहत 48 फ्लैट पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं, जबकि लाइटहाउस प्रोजेक्ट पर काम तेजी से चल रहा है।

हाउसिंग सेक्टर के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत सरकार ने 1,292 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से 79,878 घर बनाने का लक्ष्य रखा है। इनमें से 76,000 से ज्यादा घर पहले ही बन चुके हैं, जबकि प्रधानमंत्री आवास योजना-अर्बन 2.0 के तहत 4,300 और घर उपलब्ध कराए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अगरतला को बेहतर नागरिक सुविधाओं और बेहतर पब्लिक सर्विस वाले आधुनिक, टिकाऊ और टेक्नोलॉजी पर आधारित स्मार्ट शहर के तौर पर विकसित करने के लिए स्मार्ट सिटी मिशन के तहत कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया जा रहा है।

साहा ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार का ध्यान सिर्फ शहरी बुनियादी ढांचे तक ही सीमित नहीं है, बल्कि शहरी निवासियों के लिए आजीविका के वैकल्पिक अवसर पैदा करने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि त्रिपुरा अर्बन लाइवलीहुड मिशन (टीयूएलएम) के तहत 6,725 स्वयं-सहायता समूह (एसएचजी) बनाए गए हैं, जबकि रोजगार के और अवसर पैदा करने के लिए त्रिपुरा अर्बन एम्प्लॉयमेंट प्रोग्राम (टीयूईपी) के तहत आवंटन बढ़ाया गया है।

उन्होंने कहा कि एएमसी समेत राज्य भर के शहरी स्थानीय निकायों में सफाई बनाए रखने में लगे सफाई कर्मचारियों को कई तरह की कल्याणकारी योजनाएं और आर्थिक मदद भी दी जा रही है।

उद्घाटन कार्यक्रम में अगरतला के मेयर और विधायक दीपक मजूमदार, डिप्टी मेयर मोनिका दास दत्ता और एएमसी कमिश्नर साजू वाहिद ए के साथ-साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी और जन-प्रतिनिधि भी मौजूद थे।


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