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नागालैंड: जनगणना 2027 के लिए तैयारी पूरी, 6100 से अधिक कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण

नागालैंड में जनगणना 2027 की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि राज्य में 6,134 जनगणना कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें एन्यूमरेटर (गणनाकर्ता) और सुपरवाइजर शामिल हैं

नागालैंड: जनगणना 2027 के लिए तैयारी पूरी, 6100 से अधिक कर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण
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कोहिमा। नागालैंड में जनगणना 2027 की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि राज्य में 6,134 जनगणना कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें एन्यूमरेटर (गणनाकर्ता) और सुपरवाइजर शामिल हैं, ताकि पहाड़ी राज्य में हर घर का सही, सटीक और समावेशी सर्वे किया जा सके।

नागालैंड के जनगणना संचालन निदेशक ने बताया कि कुल 6,134 जनगणना कर्मियों को इस कार्य के लिए तैनात किया गया है।

उन्होंने बताया कि नागालैंड में वर्तमान में 17 जिले, 118 सब-डिस्ट्रिक्ट, 39 वैधानिक नगर, 5 जनगणना नगर और 1,606 गांव हैं, जहां जनगणना 2027 कराई जाएगी।

स्व-गणना प्रक्रिया 16 जून से शुरू हो चुकी है और 30 जून तक चलेगी, जबकि हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना का चरण 1 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक किया जाएगा।

अधिकारी ने यह भी चेतावनी दी कि जनगणना के दौरान गलत जानकारी देना जनगणना अधिनियम 1948 के तहत दंडनीय अपराध है।

जनगणना 2027 में डिजिटल पहल पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि डेटा मोबाइल एप के जरिए एकत्र किया जाएगा, साथ ही आम जनता के लिए सेल्फ-एन्यूमरेशन का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि जनगणना गतिविधियों की निगरानी और प्रबंधन के लिए वेब-आधारित पोर्टल का उपयोग किया जाएगा और हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स को वेब-मैपिंग एप्लिकेशन के जरिए बनाया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक सटीक और प्रभावी होगी।

अधिकारी ने कहा कि जनगणना के दौरान एकत्र की गई व्यक्तिगत जानकारी जनगणना अधिनियम की धारा 15 के तहत गोपनीय रखी जाएगी। यह कार्य राज्य सरकारों और अन्य प्रशासनिक इकाइयों के सहयोग से किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि पिछली जनगणना 2011 में हुई थी और जनगणना 2027 भारत की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना होगी।

मीडिया के सवालों के जवाब में जनगणना संचालन निदेशक ने डेटा की सटीकता को लेकर विश्वास जताया और कहा कि व्यापक जागरूकता अभियान, समुदाय संगठनों, ग्राम प्राधिकरणों और अन्य हितधारकों के सहयोग से सही और विश्वसनीय डेटा एकत्र किया जाएगा।

जागरूकता अभियान के तहत राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और गृह आयुक्त के संदेश ऑल इंडिया रेडियो के माध्यम से प्रसारित किए जाएंगे, ताकि लोग जनगणना में सक्रिय रूप से भाग लें और राज्य में पूरी कवरेज सुनिश्चित हो सके।


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