मेघालय सरकार ने स्कूलों और गांवों में तंबाकू-विरोधी अभियान किया तेज, युवाओं की ज्यादा भागीदारी की अपील
राज्य सरकार ने शुक्रवार को 'तंबाकू-मुक्त मेघालय' की दिशा में अपना अभियान तेज कर दिया। सरकार ने स्कूलों, कॉलेजों और ग्राम संस्थाओं के माध्यम से तंबाकू नियंत्रण में हुई महत्वपूर्ण प्रगति को रेखांकित किया और इसके इस्तेमाल को रोकने के लिए युवाओं की अधिक भागीदारी का आह्वान किया।

शिलांग। राज्य सरकार ने शुक्रवार को 'तंबाकू-मुक्त मेघालय' की दिशा में अपना अभियान तेज कर दिया। सरकार ने स्कूलों, कॉलेजों और ग्राम संस्थाओं के माध्यम से तंबाकू नियंत्रण में हुई महत्वपूर्ण प्रगति को रेखांकित किया और इसके इस्तेमाल को रोकने के लिए युवाओं की अधिक भागीदारी का आह्वान किया।
अधिकारियों ने बताया कि शिलांग में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) द्वारा 'तंबाकू: मौत का व्यापार' विषय पर राज्य-स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, शिक्षक, कानून प्रवर्तन एजेंसियां और छात्र शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण सचिव तथा एनएचएम मिशन निदेशक रामकुमार एस. ने तंबाकू को एक ऐसा पदार्थ बताया, जो उपयोगकर्ताओं को गंभीर और दीर्घकालिक स्वास्थ्य जोखिमों की ओर ले जाता है।
उन्होंने युवाओं की भागीदारी के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि राज्य के इस खास अभियान ने स्कूलों तक पहुंचकर असर दिखाया है और उन्होंने इसमें व्यापक जनभागीदारी का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि मेघालय की 60 प्रतिशत से अधिक आबादी 25 वर्ष से कम उम्र की है। उन्होंने कई विभागों और हितधारकों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से सभी जिला मुख्यालयों में जागरूकता अभियान का विस्तार करने का आह्वान किया।
पूर्वी खासी हिल्स के उपायुक्त अभिलाष बरनवाल ने युवाओं से साथियों के दबाव का विरोध करने और तंबाकू के साथ प्रयोग करने से बचने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि असली साहस हानिकारक आदतों को ना कहने में है और छात्रों को अपने दोस्तों को तंबाकू उत्पादों से दूर रहने में मदद करने के लिए प्रोत्साहित किया।
स्कूली शिक्षा और साक्षरता निदेशक ऋचा कुलकर्णी ने कहा कि 'तंबाकू-मुक्त शिक्षण संस्थान' पहल राज्य भर के 10,000 से अधिक स्कूलों में लगभग छह लाख छात्रों तक पहुंच चुकी है। स्कूलों के माध्यम से शुरुआती हस्तक्षेप ने छात्रों को स्वास्थ्य दूत के रूप में उभरने में सक्षम बनाया है और साथ ही तंबाकू नियंत्रण में मेघालय के मजबूत प्रदर्शन में योगदान दिया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक इवान डिएंगडोह ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (सीओटीपीए) के प्रावधानों पर प्रकाश डाला और प्रतिभागियों को याद दिलाया कि सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान, तंबाकू का विज्ञापन और नाबालिगों को या उनके द्वारा तंबाकू की बिक्री कानूनन प्रतिबंधित है।
एनटीसीपी की वरिष्ठ दंत चिकित्सक नबनीता डी. मौरी ने कहा कि 'तंबाकू-मुक्त शिक्षण संस्थान' ने पिछले पांच वर्षों में सभी 11 जिलों में लगभग 85 प्रतिशत स्कूलों को कवर किया है, जिसमें 28,000 से अधिक शिक्षक और 7.3 लाख छात्र शामिल हुए हैं। 83 प्रतिशत कॉलेज तंबाकू-मुक्त हो गए हैं, जबकि 1,050 से ज्यादा विलेज हेल्थ काउंसिल तंबाकू-नियंत्रण के उपायों को सक्रिय रूप से लागू कर रही हैं।
इस कार्यक्रम का समापन बेहतरीन काम करने वाले स्कूलों, विलेज हेल्थ काउंसिल, छात्रों, पुलिस यूनिट और जिला प्रशासन को पुरस्कार देने के साथ हुआ, जिसके बाद तंबाकू-मुक्त मेघालय की दिशा में काम करने का संकल्प लिया गया।


