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मणिपुर: कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए घटाया गया स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश, मुख्यमंत्री का ऐलान

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने घोषणा की कि राज्य के स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश (समर वेकेशन) को सामान्य तीन सप्ताह से घटाकर एक सप्ताह कर दिया गया है

मणिपुर: कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए घटाया गया स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश, मुख्यमंत्री का ऐलान
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इंफाल। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने सोमवार को घोषणा की कि राज्य के स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश (समर वेकेशन) को सामान्य तीन सप्ताह से घटाकर एक सप्ताह कर दिया गया है। यह फैसला राज्य में मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निर्णय का उद्देश्य छात्रों की पढ़ाई में व्यवधान को कम करना और मौजूदा परिस्थितियों के बावजूद शैक्षणिक गतिविधियों को जारी रखना है।

उन्होंने बताया कि 7 अप्रैल को थोंगलाोबी घटना के बाद लगभग एक महीने तक शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी दफ्तरों का सामान्य कामकाज प्रभावित रहा। इसी कारण शनिवार को सभी सरकारी विभागों के लिए कार्य दिवस घोषित किया गया था, ताकि रुके हुए काम पूरे किए जा सकें। उन्होंने कहा कि लंबित कार्य पूरे होने के बाद शनिवार को फिर से अवकाश घोषित किया जाएगा।

7 अप्रैल को बिश्नुपुर जिले के थोंगलाोबी गांव में एक दर्दनाक घटना में संदिग्ध कुकी उग्रवादियों द्वारा घर पर बम फेंके जाने से एक 5 साल के बच्चे और उसकी 6 महीने की बहन की मौत हो गई थी, जबकि उनकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। यह घटना उस समय हुई जब परिवार सो रहा था।

मुख्यमंत्री सिंह सोमवार को 'मणिपुर की स्कूल शिक्षा में सुधार: एनईपी-2020 के कार्यान्वयन, चुनौतियां और अवसर' विषय पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए।

उन्होंने नेल्सन मंडेला का उद्धरण देते हुए कहा कि शिक्षा दुनिया को बदलने का सबसे शक्तिशाली साधन है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करना है। उन्होंने यह भी कहा कि कक्षा 5 तक मातृभाषा में पढ़ाई से बच्चों की सीखने की क्षमता बेहतर होती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एनईपी 2020 को सफल बनाने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि सभी नागरिकों की है। उन्होंने कहा कि सरकार, कर्मचारी और जनता मिलकर ही इसे सफल बना सकते हैं।

मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने कहा कि भारत स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे होने तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है और एनईपी 2020 इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

वहीं, विद्या भारती पूर्वोत्तर क्षेत्र के अध्यक्ष प्रोफेसर गंगा प्रसाद प्रसैन ने सुझाव दिया कि कक्षा 6 से छात्रों को कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा भी दी जानी चाहिए, ताकि उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिले।


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