मेघालय में आईएसआईएस-के पोस्टर से सनसनी, राज्य सरकार ने जांच तेज की
मेघालय सरकार पश्चिम गारो हिल्स में सामने आए आतंकी संगठन आईएसआईएस-के के नाम से जारी कथित धमकी भरे पोस्टरों की गहन जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों की मदद लेने पर विचार कर रही है

पश्चिम गारो हिल्स में धमकी भरे पोस्टर, केंद्रीय एजेंसियों की मदद ले सकती सरकार
- 2027 तक इलाका खाली करने की चेतावनी, सुरक्षा एजेंसियों में बढ़ी चिंता
- पोस्टर की प्रामाणिकता पर जांच, संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी
- सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की
शिलांग। मेघालय सरकार पश्चिम गारो हिल्स में सामने आए आतंकी संगठन आईएसआईएस-के के नाम से जारी कथित धमकी भरे पोस्टरों की गहन जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों की मदद लेने पर विचार कर रही है। इन पोस्टरों के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
गृह (पुलिस) विभाग का प्रभार संभाल रहे उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन तिनसॉन्ग ने कहा कि इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और फिलहाल जांच जारी है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि जांच अभी शुरुआती दौर में है, इसलिए किसी भी तरह का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
तिनसॉन्ग ने कहा, “इस वक्त विस्तार से कुछ कहना ठीक नहीं होगा। जांच चल रही है और यह कहना अभी जल्द है कि इसके पीछे कोई शरारती या अवसरवादी तत्व हैं या नहीं। अगर जरूरत पड़ी तो राज्य सरकार निश्चित रूप से केंद्रीय एजेंसियों की मदद लेगी।”
आईएसआईएस-के के नाम से जारी बताए जा रहे इन पोस्टरों में गारो समुदाय के लोगों को पश्चिम गारो हिल्स और आसपास के कई इलाकों से इलाका खाली करने की चेतावनी दी गई है और इन क्षेत्रों को “अपना इलाका” बताया गया है। धमकी वाले पोस्टर में जिन इलाकों का जिक्र है, उनमें फुलबाड़ी, राजाबाला, टिकरिकिल्ला, सेलसेला, गारोबाधा और तुरा शामिल हैं।
पोस्टर की सामग्री के अनुसार, यदि वर्ष 2027 तक इन इलाकों को खाली नहीं किया गया तो गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई है। पोस्टर पर ‘अमीनुर इस्लाम’ नाम भी लिखा है, जिसे प्लेन बेल्ट एरिया कमांडर बताया गया है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है। यह पोस्टर कथित तौर पर पश्चिम गारो हिल्स के अराइमिले इलाके में लॉ कॉलेज के पास न्यू तुरा माचोकोलग्रे में मिला।
सोशल मीडिया पर पोस्टर की तस्वीरें सामने आते ही पुलिस हरकत में आ गई और मौके पर पहुंचकर इलाके को घेर लिया गया तथा गहन तलाशी अभियान चलाया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टर की प्रामाणिकता की जांच की जा रही है और इसके प्रसार के पीछे जिम्मेदार लोगों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है, साथ ही आश्वासन दिया है कि राज्य में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।


