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त्रिपुरा में सड़क सुरक्षा के लिए सरकार की नई पहल, ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ समेत कई नीतियां लागू

सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से त्रिपुरा सरकार ने कई सख्त सड़क सुरक्षा नीतियों को लागू करना शुरू कर दिया है

त्रिपुरा में सड़क सुरक्षा के लिए सरकार की नई पहल, ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ समेत कई नीतियां लागू
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अगरतला। सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से त्रिपुरा सरकार ने कई सख्त सड़क सुरक्षा नीतियों को लागू करना शुरू कर दिया है। इनमें ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ और ‘नो हेलमेट, नो अटेंडेंस’ जैसी नीतियां शामिल हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत राज्य सरकार पहले ही सड़क हादसों और मौतों को कम करने के लिए कई कदम उठा चुकी है।

उन्होंने कहा, “उत्तर त्रिपुरा और दक्षिण त्रिपुरा जिलों में ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ नीति लागू कर दी गई है। शेष छह जिलों में भी इसे जल्द लागू किया जाएगा।”

दक्षिण त्रिपुरा में जिला मजिस्ट्रेट मोहम्मद सज्जाद पी. ने शनिवार से ‘नो हेलमेट, नो अटेंडेंस’ नीति को सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं।

जारी अधिसूचना में कहा गया है कि हाल ही में हुई राज्य स्तरीय उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के फैसलों के अनुरूप, जिले के सभी सरकारी कार्यालयों में 17 जनवरी से इस नीति का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

अधिसूचना के अनुसार, “इस निर्देश के तहत यदि कोई कर्मचारी दोपहिया वाहन से, चालक या पीछे बैठने वाले के रूप में बिना हेलमेट के कार्यालय पहुंचता है, तो उसकी उस दिन की उपस्थिति दर्ज नहीं की जाएगी। सभी विभागों को इस निर्देश से संबंधित सूचना बोर्ड प्रमुखता से लगाने होंगे। उल्लंघन करने पर कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।”

जिला मजिस्ट्रेट ने यह भी कहा कि ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ नीति के सख्त पालन के लिए पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।

सड़क हादसों में कमी लाने और शून्य मौतों के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जिला प्रशासन और राज्य पुलिस ने ‘सेफ हेलमेट, सेफ जर्नी’ और ‘सेफ जर्नी, सेफ लाइफ’ नाम से व्यापक सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान भी शुरू किया है।

जिले के विभिन्न हिस्सों में यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा पर केंद्रित विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप, त्रिपुरा के सभी जिला प्रशासन ने सड़क दुर्घटनाओं में मौतों को शून्य तक लाने के लिए ‘जीरो फेटैलिटी मंथ’ योजना को अपनाया है।

इस अभियान में ट्रैफिक पुलिस, परिवहन विभाग, सिविल डिफेंस स्वयंसेवक, गैर-सरकारी संगठन और आम नागरिक मिलकर संयुक्त प्रयास कर रहे हैं।

यातायात अनुशासन और सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता रैलियां, चर्चाएं, जनसंपर्क कार्यक्रम और सोशल मीडिया अभियान आयोजित किए जा रहे हैं।

हेलमेट पहनने की अनिवार्यता, यातायात नियमों के पालन और जिम्मेदार ड्राइविंग व्यवहार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके लिए प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर अभियान चलाए जा रहे हैं।


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