गारो हिल्स में भूमि पट्टों का वितरण संतोषजनक पल: मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने मंगलवार को गारो हिल्स के तुरा टाउन क्षेत्र में सरकारी प्रशासनिक विभाग (जीएडी) की जमीन पर बसे लोगों को भूमि पट्टे वितरित किए जाने को “एक महान और संतोषजनक क्षण” बताया

शिलॉन्ग। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने मंगलवार को गारो हिल्स के तुरा टाउन क्षेत्र में सरकारी प्रशासनिक विभाग (जीएडी) की जमीन पर बसे लोगों को भूमि पट्टे वितरित किए जाने को “एक महान और संतोषजनक क्षण” बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल सरकार और जनता के बीच सहयोग की मजबूती को दर्शाती है और समावेशी विकास की दिशा में एक अहम कदम है।
निख्वाटग्रे कम्युनिटी हॉल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि दस्तावेजों का वितरण प्रशासन और स्थानीय निवासियों के बीच लंबे समय से चली आ रही समन्वय और आपसी विश्वास का परिणाम है।
उन्होंने कहा, “इस तरह का सहयोग विकास और प्रगति के लिए बेहद जरूरी है।” इस अवसर पर उन्होंने निख्वाटग्रे क्षेत्र के लाभार्थियों को भूमि पट्टे सौंपे।
मुख्यमंत्री संगमा ने कहा कि उचित भूमि दस्तावेजों के अभाव में स्थानीय लोगों को लंबे समय से प्रशासनिक, कानूनी और वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। भूमि पट्टों के जरिए स्वामित्व को औपचारिक रूप दिए जाने से अब इन समस्याओं का समाधान हो सकेगा।
उन्होंने कहा, “इससे लोगों को सशक्त बनने का अवसर मिलेगा और उन्हें सुरक्षा की भावना प्राप्त होगी।”
अन्य क्षेत्रों में भी भूमि से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि वहां भी चरणबद्ध तरीके से भूमि मामलों का निपटारा किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर कोई एकतरफा फैसला नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हम जनता पर कुछ भी थोपेंगे नहीं। लोगों की सहमति और सहयोग के साथ ही आगे बढ़ेंगे।”
यह कार्यक्रम पश्चिम गारो हिल्स जिले के उपायुक्त (राजस्व) कार्यालय द्वारा आयोजित किया गया था। इसका उद्देश्य शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में भूमि रिकॉर्ड को सुव्यवस्थित करना और भूमि प्रशासन को मजबूत बनाना है।
जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि भूमि दस्तावेजों के वितरण से तुरा टाउन क्षेत्र में भूमि स्वामित्व को लेकर स्पष्टता आएगी, रिकॉर्ड प्रबंधन बेहतर होगा और विवादों में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल पारदर्शी और जन-केंद्रित भूमि प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस कार्यक्रम में वरिष्ठ जिला अधिकारी, सामुदायिक नेता, लाभार्थी और स्थानीय निवासी शामिल हुए, जिन्होंने भूमि अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए इस लंबे समय से प्रतीक्षित कदम का स्वागत किया।


