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मणिपुर में ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई, एक साल में 3,000 एकड़ अवैध अफीम की खेती नष्ट, 467 तस्कर गिरफ्तार

मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बताया कि मणिपुर ने पिछले एक साल में लगभग 3,000 एकड़ में हो रही अवैध अफीम की खेती को नष्ट कर दिया है, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत 307 मामले दर्ज किए हैं और 467 नशीले पदार्थों के तस्करों को गिरफ्तार किया है।

मणिपुर में ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई, एक साल में 3,000 एकड़ अवैध अफीम की खेती नष्ट, 467 तस्कर गिरफ्तार
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इंफाल। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने सोमवार को बताया कि मणिपुर ने पिछले एक साल में लगभग 3,000 एकड़ में हो रही अवैध अफीम की खेती को नष्ट कर दिया है, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत 307 मामले दर्ज किए हैं और 467 नशीले पदार्थों के तस्करों को गिरफ्तार किया है।

यहां फर्स्ट बटालियन मणिपुर राइफल्स परेड ग्राउंड में मणिपुर पुलिस के 135वें स्थापना दिवस पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने नशीले पदार्थों की तस्करी से निपटने और अफीम की अवैध खेती को खत्म करने के लिए 'वॉर ऑन ड्रग्स' (नशीले पदार्थों के खिलाफ जंग) अभियान शुरू किया है। उन्होंने नशीले पदार्थों से जुड़ी गतिविधियों को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मणिपुर पुलिस की भूमिका पर भी जोर दिया।

यह देखते हुए कि मणिपुर में कुछ लोगों ने सोशल मीडिया और अखबारों में 'वॉर ऑन ड्रग्स' अभियान के तहत सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार राज्य में अफीम की अवैध खेती और नशीले पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

खेमचंद सिंह ने कहा कि राज्य में सभी समुदायों के बीच शांति और सद्भाव बनाए रखने के प्रयासों के तहत सरकार युवाओं के जीवन और भविष्य पर नशीले पदार्थों की तस्करी के हानिकारक प्रभावों को लेकर भी चिंतित है।

उन्होंने आगे कहा कि पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियां ​​स्थिति पर कड़ी नजर रख रही हैं और राज्य भर में चल रहे ड्रग नेटवर्क की पहचान करने, उनका पता लगाने और उन्हें खत्म करने के अपने प्रयासों को तेज कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 3 मई, 2023 को भड़की अभूतपूर्व जातीय हिंसा के कारण कुछ युवाओं ने हथियार उठा लिए थे। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार ने सुरक्षा बलों के साथ मिलकर शांति और स्थिरता बहाल करने तथा तनाव को नियंत्रित करने के लिए ठोस प्रयास किए हैं। इन निरंतर प्रयासों से लोगों को स्वेच्छा से हथियार सौंपने के लिए भी प्रोत्साहन मिला है।

उन्होंने आगे बताया कि राज्य में शांति, सुलह और सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयासों के तहत दो प्रतिबंधित समूहों - केसीपी-पीडब्ल्यूजी और केसीपी-तैबांगनबा - के सदस्यों की घर वापसी के लिए कार्यक्रम आयोजित किए गए थे।

खेमचंद सिंह ने समाज के सभी वर्गों और राज्य के सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अच्छे कार्यों की सराहना करने और गलतियों को सुधारने के उद्देश्य से उन्हें उजागर करने की संस्कृति को बढ़ावा दें। उन्होंने जोर दिया कि बेवजह की आलोचना से राज्य की प्रगति पर बुरा असर पड़ेगा और इससे राज्य में शांति बहाली में कोई मदद नहीं मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने राज्य पुलिस बल को आधुनिक बनाने और मजबूत करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया। 'पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सहायता' (एएसयूएमपी) योजना के तहत, परिचालन दक्षता और तैयारियों को बेहतर बनाने के लिए 477 वाहन खरीदे जा रहे हैं। इनमें 60 हल्के बुलेटप्रूफ वाहन और 15 माइन-प्रोटेक्टेड (बारूदी सुरंग से सुरक्षित) वाहन शामिल हैं।

खेल के क्षेत्र में, राज्य पुलिस के कर्मियों ने अपनी शानदार उपलब्धियों से राज्य का मान बढ़ाया है। इनमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सैखोम मीराबाई चानू शामिल हैं, जिन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक और 2026 के एशियाई खेलों में भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) में रजत पदक जीता है। साथ ही, पुलिस उपाधीक्षक एन. रोशिबिना देवी ने 2026 के एशियाई खेलों में वुशु में रजत पदक हासिल किया है।

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुकेश सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि 2008 से, वे 19 अक्टूबर को पूरे मणिपुर पुलिस परिवार के 'स्थापना दिवस' के रूप में गर्व के साथ मनाते आ रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा, "हमारे पूरे इतिहास में यह बल जटिल चुनौतियों के सामने मजबूती से डटा रहा है। चाहे वह दशकों तक चला उग्रवाद-विरोधी संघर्ष हो, या समाज की बदलती जनसांख्यिकी और तकनीकी जरूरतें हों।"

डीजीपी ने बताया कि मई 2023 में जब अभूतपूर्व जातीय हिंसा भड़की तो मणिपुर पुलिस ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, सेना और असम राइफल्स के साथ मिलकर, लोगों की जान और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा के लिए तुरंत मोर्चा संभाला।

इस समारोह के दौरान मार्च पास्ट में कुल 13 टुकड़ियों ने हिस्सा लिया। वहीं, मुख्यमंत्री ने बेहतरीन प्रदर्शन और कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए उत्कृष्ट बटालियनों, पुलिस थानों और पुलिस कर्मियों को विभिन्न पुरस्कार प्रदान किए।

'मणिपुर पुलिस बेस्ट बटालियन अवार्ड 2026' मणिपुर राइफल्स की दूसरी बटालियन को दिया गया। 'बेस्ट पुलिस स्टेशन अवार्ड 2026' बिष्णुपुर जिले के बिष्णुपुर पुलिस थाने को मिला। 'बेस्ट पुलिस ऑफिसर अवार्ड 2026' उखरुल जिले के महिला पुलिस थाने की उप-निरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) होर्थिंगवोन लुंगलेन्ग को प्रदान किया गया। इस समारोह में मणिपुर विधानसभा अध्यक्ष थोकचोम सत्यब्रत सिंह, गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदस सिंह, विधायक, मुख्य सचिव और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित कई अन्य लोग शामिल हुए।


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