Top
Begin typing your search above and press return to search.

छत्तीसगढ़: वेदांता पावर प्लांट हादसे की जांच के लिए दिल्ली से आएगी केंद्रीय टीम; सुरक्षा मानकों की होगी स्क्रूटनी

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले की डभरा तहसील स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे की जांच के लिए केंद्र सरकार की एक टीम द्वारा जल्द ही जांच शुरू किए जाने की संभावना है, जिसमें कई श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस टीम में औद्योगिक सुरक्षा विभाग और बॉयलर निरीक्षक विभाग के अधिकारी शामिल हैं।

छत्तीसगढ़: वेदांता पावर प्लांट हादसे की जांच के लिए दिल्ली से आएगी केंद्रीय टीम; सुरक्षा मानकों की होगी स्क्रूटनी
X

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले की डभरा तहसील स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे की जांच के लिए केंद्र सरकार की एक टीम द्वारा जल्द ही जांच शुरू किए जाने की संभावना है, जिसमें कई श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस टीम में औद्योगिक सुरक्षा विभाग और बॉयलर निरीक्षक विभाग के अधिकारी शामिल हैं।

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह टीम शनिवार को दिल्ली से सक्ती पहुंचकर हादसे की जांच करेगी। यह कदम राज्य के बॉयलर इंस्पेक्टर की रिपोर्ट के बाद उठाया गया है, जिसके आधार पर केंद्रीय स्तर पर जांच का फैसला लिया गया।

इधर, छत्तीसगढ़ सरकार ने भी इस हादसे की अलग से जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए बिलासपुर संभाग के आयुक्त को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

यह हादसा 14 अप्रैल को प्लांट के बॉयलर यूनिट-1 में हुआ था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, स्टीम पाइपलाइन से जुड़े पानी की सप्लाई पाइप के जोड़ में तकनीकी खराबी के कारण विस्फोट हुआ। इस हादसे में अब तक 20 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 15 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं और अलग-अलग अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है।

राज्य सरकार ने इस घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच में यह पता लगाने के निर्देश दिए हैं कि हादसा कब और कैसे हुआ, इसके पीछे क्या कारण थे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।

आदेश के अनुसार, जांच अधिकारी को 30 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है और इसे बेहद दुखद और पीड़ादायक बताया। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। साथ ही अधिकारियों को निष्पक्ष और तेजी से जांच पूरी करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

प्रारंभिक तकनीकी रिपोर्ट में मुख्य बॉयलर निरीक्षक ने बताया कि फर्नेस के अंदर अत्यधिक ईंधन जमा होने से दबाव बढ़ गया, जिससे पाइपलाइन को नुकसान पहुंचा और विस्फोट हुआ। सक्ती की फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) ने भी इस निष्कर्ष की पुष्टि की है और ईंधन के ओवरलोड को हादसे की मुख्य वजह बताया है।



Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it