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टिहरी में ग्राम्य विकास एवं स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा, मंत्री भरत चौधरी ने दिए दिशा-निर्देश

टिहरी में ग्राम्य विकास एवं स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा बैठक में मंत्री भरत चौधरी ने कीवी खेती को बढ़ावा देने, मालू के पत्तों के उपयोग को प्रोत्साहित करने और महिलाओं को उत्पादन इकाइयों में प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बुरांश, प्लम और कीवी आधारित उत्पादों पर विशेष जोर दिया गया।

टिहरी में ग्राम्य विकास एवं स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा, मंत्री भरत चौधरी ने दिए दिशा-निर्देश
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टिहरी गढ़वाल । जनपद टिहरी गढ़वाल में गुरुवार को कैबिनेट मंत्री, ग्राम्य विकास, लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग भरत सिंह चौधरी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल द्वारा मंत्री भरत चौधरी, विधायक टिहरी किशोर उपाध्याय एवं विधायक घनसाली शक्तिलाल शाह का शाल एवं पुष्पगुच्छ से स्वागत किया।

मंत्री भरत चौधरी ने अपने संबोधन में जनपद टिहरी में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि विभिन्न उत्पादन इकाइयों में प्रशिक्षित महिलाओं को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में बच्चों की ड्रेस तथा अन्य ड्रेस कोड वाले संस्थानों के लिए बड़े स्तर पर उत्पादन कार्य प्रारंभ किया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि क्राफ्ट्समैन द्वारा कटिंग कार्य तथा महिलाओं द्वारा स्टिचिंग एवं फिनिशिंग कार्य किया जाए तथा ऐसी इकाइयों की स्थापना की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए।

उन्होंने कीवी की खेती को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने, मालू के पत्तों के उपयोग को प्रोत्साहित करते हुए यात्रा मार्गों पर ताजे पत्तों की प्लेटों में भोजन परोसने की व्यवस्था विकसित करने की बात कही। मंत्री ने प्लम के तेल के और प्लांट स्थापित करने पर बल देते हुए कहा कि इसका निर्यात होता है तथा अच्छे मूल्य प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि लिंगड़ा विश्व में यहां पूरी तरह ऑर्गेनिक रूप में उपलब्ध है। साथ ही बुरांश के रस को बिना चीनी और पानी मिलाए तैयार कर उसकी बेहतर पैकेजिंग एवं वैल्यू एडिशन करने पर भी जोर दिया।

मंत्री भरत चौधरी ने कहा कि बेकरी क्षेत्र में अत्यधिक संभावनाएं हैं और इस क्षेत्र में काउंटर सेल की व्यवस्था विकसित करने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में पशुपालन का भी अच्छा स्कोप है, इसलिए अधिक से अधिक लोगों को इसके लिए प्रेरित किया जाए।

मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल द्वारा एनआरएलएम के अंतर्गत जनपद में गठित 23848 लखपति दीदी, कृषि एवं गैर कृषि आधारित उद्यम में 25880 सदस्य, ‘मेरा ब्लॉक, मेरी योजना’ अंतर्गत प्रत्येक विकासखंड में बनाए स्थानीय प्रोडक्ट के स्टाल, अल्ट्रापुअर पैकेज में पशुपालन, सिलाई, जनरल स्टोर आदि के लिए दिया फंड आदि का विवरण दिया, इसके साथ ही मुख्यमंत्री उद्यमशील योजना, दीनदयाल ग्रामीण कौशल योजना, पलायन रोकथाम योजना, पीएम आवास योजना अंतर्गत किए कार्यों की जानकारी दी।

इससे पूर्व, जिला विकास अधिकारी मो. असलम द्वारा पीपीटी के माध्यम से जनपद में स्वीकृत, कार्यरत एवं रिक्त पदों की जानकारी प्रस्तुत की गई। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित विभिन्न गतिविधियों का विस्तृत विवरण दिया। उन्होंने बताया कि भिलंगना विकासखंड में मसाला उत्पादन यूनिट, चम्बा में सब्जी उत्पादन एवं पारंपरिक कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है। थौलधार में वेदावी हर्बल टी, मशरूम (बटन एवं डिंगरी) तथा मत्स्य पालन गतिविधियों पर कार्य किया जा रहा है। नरेंद्रनगर क्षेत्र में ड्रैगन फ्रूट उत्पादन, जौनपुर में बेकरी उत्पाद एवं प्लम मिशन तथा प्रतापनगर में पोल्ट्री, डेयरी एवं धूप उत्पादन से संबंधित गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

इस बैठक में राज्य मंत्री ख़ेम सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, चंबा नगर पालिका अध्यक्ष शोभनी धनोला, पूर्व विधायक प्रतापनगर विजय सिंह पंवार, भाजपा मीडिया प्रभारी राजेंद्र डोभाल, भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष मनीष राणा, एसडीएम कमलेश, उद्यम विभाग से शैली डबराल, सभी बीडीओ सहित संबंधित लोग उपस्थित रहे।


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