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मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार और स्थिर नीति भारत को उभरते हुए बाजारों में रखती है आगे : मूडीज

दुनिया की बड़ी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी में से एक मूडीज ने भारत को दुनिया के अन्य उभरते हुए बाजारों में सबसे ऊपर स्थान किया है और कहा कि मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार और स्थिर नीति देश को अन्य अर्थव्यवस्था की अपेक्षा आगे रखती है।

मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार और स्थिर नीति भारत को उभरते हुए बाजारों में रखती है आगे : मूडीज
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नई दिल्ली। दुनिया की बड़ी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी में से एक मूडीज ने भारत को दुनिया के अन्य उभरते हुए बाजारों में सबसे ऊपर स्थान किया है और कहा कि मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार और स्थिर नीति देश को अन्य अर्थव्यवस्था की अपेक्षा आगे रखती है।

मूडीज ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा कि भारत वैश्विक झटकों को झेलने के लिए अन्य उभरते हुए देशों की तुलना में काफी अच्छी स्थिति में है।

रिपोर्ट में आगे बताया कि भारत की अर्थव्यवस्था के तीन मजबूत स्तंभ हैं, जिसमें बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार, स्थिर नीति और बड़ा घरेलू पूंजीगत बाजार शामिल हैं। ये तीनों कारक मिलकर बाहरी फंडिंग पर निर्भरता को कम करते हैं।

मूडीज की रिपोर्ट के अनुसार, 2020 से उभरते बाजारों को बार-बार कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है।

इसमें कोविड-19 महामारी, फिर वैश्विक स्तर पर महंगाई में तेल उछाल, उसके बाद 2022 में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक वृद्धि, 2023 में क्षेत्रीय बैंकिंग संकट और 2025 में नए सिरे से लागू किए गए टैरिफ शामिल हैं।

इन सभी परिस्थितियों में, मूडीज ने पाया कि भारत ने फंडिंग लागत में तीव्र वृद्धि या पूंजी बाजारों तक पहुंच में कमी के बिना उथल-पुथल का सामना किया, जो कि कई अन्य देशों के मुकाबले बड़ी उपलब्धि साबित हुई।

इसके अलावा, रेटिंग एजेंसी ने कहा कि भारत का मौद्रिक नीति ढांचा स्पष्ट और सुसंगत बना हुआ है, महंगाई की उम्मीदें स्थिर हैं और विनिमय दर को जरूरत पड़ने पर समायोजित किया जा सकता है। यह संयोजन बाहरी परिस्थितियों के बिगड़ने पर भी निवेशकों का विश्वास बनाए रखता है।

रिपोर्ट में कहा गया कि भारत भविष्य में वैश्विक तनाव के किसी भी दौर में न केवल मजबूत, बल्कि सुलभ सुरक्षा उपायों के साथ प्रवेश करेगा। यह अंतर तब महत्वपूर्ण हो जाता है जब बाजार तेजी से बदलते हैं और नीतिगत प्रतिक्रिया का समय कम होता है।

रिपोर्ट में भारत की तुलना इंडोनेशिया, मैक्सिको, मलेशिया, थाईलैंड, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, नाइजीरिया और तुर्किए सहित कई अन्य देशों से की गई है। ये सभी अर्थव्यवस्थाएं महामारी के बाद के तनाव का सामना कर चुकी हैं और उन्हें अलग-अलग स्तर की सफलता मिली है।



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