महिला सशक्तिकरण का संदेश लेकर रितु इंसा ने हरिद्वार से शुरू की कांवड़ यात्रा, आत्मनिर्भरता अभियान पर रहेगा फोकस
महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का संदेश लेकर रितु इंसा ने हरिद्वार से कांवड़ यात्रा शुरू की। यात्रा 10 अगस्त को भैणी सुरजन में समाप्त होगी। अभियान का उद्देश्य महिलाओं को कौशल विकास और स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का अभियान
रितु इंसा ने कहा कि उनकी कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य समाज में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना भी है। उन्होंने कहा कि हर महिला में अपार क्षमता होती है और यदि उसे सही प्रशिक्षण और अवसर मिले तो वह अपने जीवन के साथ-साथ परिवार और समाज की दिशा भी बदल सकती है।
उन्होंने बताया कि वह पिछले 21 वर्षों से सिलाई और फैशन डिजाइनिंग का प्रशिक्षण ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम से दे रही हैं। इस प्रशिक्षण के जरिए हजारों महिलाएं और युवतियां आज अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू कर आर्थिक रूप से सशक्त बन चुकी हैं।
हरियाणा में 50 प्रशिक्षण केंद्र, लाखों महिलाओं को मिला लाभ
रितु इंसा के अनुसार, हरियाणा में सिलाई और फैशन डिजाइनिंग की करीब 50 शाखाएं संचालित की जा रही हैं। इन केंद्रों के माध्यम से अब तक तीन लाख से अधिक युवतियों और महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने दावा किया कि केवल तीन महीने का प्रशिक्षण किसी भी महिला के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है और उसे आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान कर सकता है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में इस अभियान का विस्तार अन्य राज्यों में भी किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक महिलाओं तक कौशल विकास कार्यक्रम पहुंच सके।
10 अगस्त को पैतृक गांव में होगा समापन
रितु इंसा ने बताया कि कांवड़ यात्रा हरिद्वार के हरकी पैड़ी से शुरू होकर रुड़की, मुजफ्फरनगर, शामली, पानीपत, गोहाना, रोहतक, भिवानी और महम होते हुए 10 अगस्त को उनके पैतृक गांव भैणी सुरजन में संपन्न होगी।
इस अवसर पर आयोजन टीम और इवेंट्स एंड बियॉन्ड के संस्थापक तजिंदर सिंह ने आम जनता, मीडिया और सामाजिक संगठनों से इस अभियान में शामिल होकर महिलाओं के सशक्तिकरण के इस प्रयास को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से ही ऐसे अभियान व्यापक स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।


