Top
Begin typing your search above and press return to search.

'मोशी डंपिंग ग्राउंड हादसे की होगी जांच', आयुक्त ने पर्यावरण विभाग और ठेकेदार कंपनी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए

पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (पीसीएमसी) के मोशी स्थित कचरा डंपिंग ग्राउंड में हुए दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है

मोशी डंपिंग ग्राउंड हादसे की होगी जांच, आयुक्त ने पर्यावरण विभाग और ठेकेदार कंपनी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए
X

पिंपरी। पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका (पीसीएमसी) के मोशी स्थित कचरा डंपिंग ग्राउंड में हुए दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन ने जांच प्रक्रिया तेज कर दी है। महानगरपालिका के आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर दुर्घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने नगर निगम के पर्यावरण विभाग और संबंधित ठेकेदार कंपनी एंटोनी लारा रिन्यूएबल को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए हैं।

महानगरपालिका की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, बैठक में अतिरिक्त आयुक्त कुलदीप जंगम, तृप्ती सांडभोर, विक्रांत बगाडे, सह आयुक्त मनोज लोणकर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में दुर्घटना के कारणों, बचाव कार्य और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बता दें कि 8 जुलाई को दोपहर लगभग 1.30 बजे मोशी कचरा डंपिंग ग्राउंड में 'वेस्ट टू एनर्जी' परियोजना की प्रशासनिक इमारत पर कचरे का विशाल ढेर गिर गया था। इस हादसे के समय इमारत के भीतर और आसपास कुल 23 लोग फंसे हुए थे। इनमें इमारत के अंदर मौजूद पांच लोग स्वयं सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि अन्य लोगों को निकालने के लिए बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।

बचाव अभियान में भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका, पीएमआरडीए के अग्निशमन दल और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से भाग लिया। कई घंटों तक चले अभियान में नौ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन इमारत में फंसे नौ लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। इस दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया।

आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हादसे के लिए जिम्मेदार सभी पहलुओं की निष्पक्ष और गहन जांच की जाए। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पर्यावरण विभाग और संबंधित ठेकेदार कंपनी को नोटिस जारी कर पूरे मामले में उनका पक्ष भी मांगा जाएगा।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it