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दीपिका चिखलिया: रामायण के सेट पर 'राम-लक्ष्मण' से ज्यादा 'रावण' से होती थी बात, सीता की इमेज की वजह से रहना पड़ा था भूखा

रामानंद सागर की 'रामायण' आज भी दर्शकों के दिलों में बसी है। एक्टर अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया आज भी भगवान राम और मां सीता के नाम से पहचाने जाते हैं। इस धार्मिक सीरियल का असर ऐसा था कि खुद राजीव गांधी ने दीपिका चिखलिया से इसकी वीसीआर कैसेट मांगी थी।

दीपिका चिखलिया: रामायण के सेट पर राम-लक्ष्मण से ज्यादा रावण से होती थी बात, सीता की इमेज की वजह से रहना पड़ा था भूखा
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मुंबई। रामानंद सागर की 'रामायण' आज भी दर्शकों के दिलों में बसी है। एक्टर अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया आज भी भगवान राम और मां सीता के नाम से पहचाने जाते हैं। इस धार्मिक सीरियल का असर ऐसा था कि खुद राजीव गांधी ने दीपिका चिखलिया से इसकी वीसीआर कैसेट मांगी थी।

इस किरदार ने दीपिका चिखलिया के पूरे जीवन को बदलकर रख दिया, लेकिन मां सीता का किरदार पाना आसान नहीं था।

मुंबई में 29 अप्रैल 1965 को जन्मी दीपिका को नहीं पता था कि मां सीता का किरदार उनके पूरे जीवन को बदल देगा। अपने शुरुआती करियर में भी अभिनेत्री ने सोच लिया था कि उन्हें टेलीविजन एक्ट्रेस बनना है, लेकिन उस वक्त टेलीविजन को इडियट बॉक्स कहते थे और फिल्मों में काम करने वाली अभिनेत्रियों की तुलना में टीवी पर अभिनय करने वाले कलाकारों को कम आंका जाता था। यही कारण था कि दीपिका का परिवार टेलीविजन पर काम करने के फैसले से थोड़ा नाखुश था।

दीपिका ने 1980 में टीवी सीरीज “रिश्ते-नाते” से अपने करियर की शुरुआत की और फिर वे रामांनद सागर के ही सीरियल दादा-दादी की कहानी और विक्रम बेताल में नजर आईं।

इसी दौरान दीपिका ने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें सामने से मां सीता के रोल के ऑडिशन के लिए बुलाया जाएगा, लेकिन स्क्रीन टेस्ट देना भी आसान नहीं था। पहले दिन स्क्रीन टेस्ट में 40 लड़कियों के बीच दीपिका ने मां सीता के रोल के लिए ऑडिशन दिया, फिर दूसरे ऑडिशन में लड़कियां आधी हो गईं और तीसरे ऑडिशन में कुछ ही लड़कियां बची थीं, जिसमें दीपिका भी शामिल थीं, लेकिन कुछ हफ्तों के लंबे इंतजार के बाद उन्हें सीरियल के लिए साइन किया गया।

रामानंद सागर की 'रामायण' में भगवान राम और मां सीता की जोड़ी को प्रेम और समर्पण के साथ पेश किया गया, लेकिन असल जिंदगी में सेट पर दीपिका चिखलिया, अरुण गोविल और सुनील लहरी के बीच बहुत कम बातचीत होती थी। खुद दीपिका ने खुलासा किया था कि अरुण गोविल और सुनील लहरी बहुत अच्छे दोस्त थे और वह खुद को सेट पर बहुत रिजर्व रखती थीं और रामानंद सागर की पत्नी और उनके बेटे की बहू से ज्यादा बात करती थी। थोड़ी बहुत बात होती थी तो वो भी अरविंद त्रिवेदी से, जिन्होंने रावण का किरदार निभाया था। हालांकि उनसे भी गहरी दोस्ती नहीं थी।

रामायण करने के बाद दीपिका की जिंदगी में बहुत बड़ा बदलाव आया। फैंस और उनके घर के बड़े-बुजुर्ग भी उनके पैर छूकर आशीर्वाद लेते थे। फैंस आरती उतारते थे और फूल-माला अर्पित करते थे। मॉरिशिस के एक इवेंट में तो दीपिका चिखलिया और अरुण गोविल को लोगों ने बफे के दौरान खाना छूने से मना कर दिया था। उनका कहना था कि खाना झूठा हो गया है। इसके बाद उनके लिए अलग से शुद्ध खाने का इंतजाम किया गया हालांकि इस बीच दोनों को काफी लंबे समय तक भूखा रहना पड़ा था।



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