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कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 993 रुपए बढ़ी, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए जारी रहेगी राहत

तेल विपणन कंपनियों की ओर से शुक्रवार को 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 993 रुपए का इजाफा किया गया है। इसकी वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा की कीमतों में इजाफा होना है।

कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 993 रुपए बढ़ी, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए जारी रहेगी राहत
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नई दिल्ली। तेल विपणन कंपनियों की ओर से शुक्रवार को 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 993 रुपए का इजाफा किया गया है। इसकी वजह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा की कीमतों में इजाफा होना है।

इससे राष्ट्रीय राजधानी में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़कर 3,071.5 रुपए हो गई है।

हालांकि, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत जारी रहेगी, क्योंकि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों को स्थिर रखा गया है।

सरकारी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने बयान में कहा कि देश में मौजूद 33 करोड़ घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में यह तीसरी वृद्धि हुई है।

पहली बार मार्च की शुरुआत में इसकी कीमत में लगभग 115 रुपए की वृद्धि की गई थी, जिसके बाद 1 अप्रैल को कीमतों को लगभग 200 रुपए और बढ़ाया गया।

बयान में आगे आईओसीएल ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा कीमतों में वृद्धि के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतें अपरिवर्तित हैं। कंपनी ने यह भी कहा कि प्रमुख ईंधनों की कीमतों में कोई संशोधन नहीं किया गया है जिसका आम जनता पर सीधा असर होता है।

घरेलू एयरलाइनों के लिए एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया। आईओसी के अनुसार, सरकारी तेल कंपनियों ने वैश्विक ईंधन लागत में वृद्धि को वहन करने का विकल्प चुना ताकि एयरलाइनों और यात्रियों को नुकसान से बचाया जा सके।

इस बीच, सरकार ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर निर्यात को हतोत्साहित करके पेट्रोलियम उत्पादों की घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 27 मार्च, 2026 से पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के निर्यात पर निर्यात शुल्क (विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी)) और सड़क एवं अवसंरचना उपकर (आरआईसी) लागू किए गए हैं।

अतिरिक्त शुल्क की दरों में हर पखवाड़े संशोधन किया जाता है और पिछला संशोधन 11 अप्रैल, 2026 से प्रभावी हुआ था।

ये दरें पिछली समीक्षा के बाद की अवधि में प्रचलित कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ की औसत अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर निर्धारित की जाती हैं।

केंद्र सरकार ने आज 1 मई, 2026 से शुरू होने वाले अगले पखवाड़े के लिए दरें अधिसूचित कर दी हैं।

वित्त मंत्रालय ने कहा,“परिणामस्वरूप, डीजल के निर्यात पर शुल्क की दर 23 रुपए प्रति लीटर (एसएईडी - 23 रुपए; आरआईसी - शून्य) होगी। इसके अलावा, एटीएफ के निर्यात पर शुल्क की दर 33 रुपए प्रति लीटर (केवल एसएईडी) होगी। पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क की दर शून्य बनी रहेगी।”

मंत्रालय ने आगे कहा कि घरेलू खपत के लिए स्वीकृत पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा उत्पाद शुल्क दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।



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