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सीएम फडणवीस की पहल, पालघर के 25 हजार स्कूली बच्चों को मिलेगा पौष्टिक भोजन

महाराष्ट्र सरकार ने आदिवासी और ग्रामीण बच्चों के पोषण के लिए एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पालघर जिले के विक्रमगढ़ तालुका में रोजाना 25 हजार बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाला अत्याधुनिक केंद्रीय रसोईघर स्थापित करने का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है।

सीएम फडणवीस की पहल, पालघर के 25 हजार स्कूली बच्चों को मिलेगा पौष्टिक भोजन
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पालघर। महाराष्ट्र सरकार ने आदिवासी और ग्रामीण बच्चों के पोषण के लिए एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पालघर जिले के विक्रमगढ़ तालुका में रोजाना 25 हजार बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाला अत्याधुनिक केंद्रीय रसोईघर स्थापित करने का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है। इस योजना के पूरा होने से हजारों स्कूली बच्चों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

इस परियोजना के लिए करीब डेढ़ एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया है। केंद्रीय रसोईघर के निर्माण और संचालन के लिए जरूरी सरकारी अनुमतियां और मंजूरियां लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार विक्रमगढ़ तालुका के 273 स्कूलों में कुल 29,124 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इनमें जिला परिषद के स्कूलों में 15,091 विद्यार्थी, आदिवासी कल्याण विभाग के स्कूलों में 2,636 विद्यार्थी और अनुदानित आदिवासी स्कूलों में 3,607 विद्यार्थी शामिल हैं।

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। बेहतर भोजन मिलने से बच्चों की भूख की समस्या कम होगी, स्कूलों में उपस्थिति बढ़ेगी, पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी और सीखने की क्षमता में भी सुधार होगा।

प्रस्तावित केंद्रीय रसोईघर की अंतिम क्षमता प्रतिदिन 25 हजार विद्यार्थियों के लिए भोजन तैयार करने की होगी लेकिन शुरुआत में लगभग 2 हजार से 3 हजार विद्यार्थियों को ही भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद सरकारी मंजूरियों, संचालन की तैयारियों और उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर इसका विस्तार चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।

राज्य सरकार की योजना इस मध्याह्न भोजन कार्यक्रम को जिला परिषद स्कूलों, स्वयं वित्तपोषित स्कूलों, निजी अनुदानित स्कूलों और सरकारी मानदंडों के अनुसार पात्र अनुदानित आदिवासी स्कूलों तक पहुंचाने की है। पात्र स्कूलों को धीरे-धीरे इस योजना में शामिल किया जाएगा।

परियोजना में पारदर्शिता और भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। इसके तहत नियमित रिपोर्ट तैयार की जाएगी, स्वतंत्र संस्थाओं से लेखा परीक्षण कराया जाएगा और योजना के परिणामों का मूल्यांकन भी किया जाएगा।

पालघर के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लिए यह प्रस्ताव बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सीएम देवेंद्र फडणवीस की इस पहल को जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद विक्रमगढ़ के हजारों बच्चों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। फिलहाल यह प्रस्ताव विचाराधीन है, इसलिए निर्माण और संचालन को लेकर अंतिम फैसला सरकारी मंजूरियों के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।



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