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पुंछ में एलओसी के पास लैंडमाइन धमाका, सेना का एक जवान घायल; सर्च ऑपरेशन के दौरान मिला पुराना मोर्टार गोला

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास सुरक्षा बलों की गश्त के दौरान दो अलग-अलग घटनाएं हुई हैं। सेना का एक जवान लैंडमाइन धमाके में घायल हो गया, जबकि दूसरे मामले में जंग लगे एक पुराने मोर्टार गोले को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया गया।

पुंछ में एलओसी के पास लैंडमाइन धमाका, सेना का एक जवान घायल; सर्च ऑपरेशन के दौरान मिला पुराना मोर्टार गोला
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मुंबई। जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास सुरक्षा बलों की गश्त के दौरान दो अलग-अलग घटनाएं हुई हैं। सेना का एक जवान लैंडमाइन धमाके में घायल हो गया, जबकि दूसरे मामले में जंग लगे एक पुराने मोर्टार गोले को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया गया।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, 18 अप्रैल को मेंढर क्षेत्र के बालाकोट सेक्टर में यह घटना घटी। सेना की एक गश्ती टुकड़ी इलाके में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए अभ्यास कर रही थी। इसी दौरान एक लैंडमाइन फट गया, जिसमें एक अग्निवीर घायल हो गया। घायल जवान को तुरंत पास के सैन्य चिकित्सा केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

नियंत्रण रेखा से सटे इलाकों में घुसपैठ रोकने के लिए सुरक्षा तंत्र लगाए गए हैं, जिनमें लैंडमाइन भी शामिल हैं, लेकिन बारिश और जमीन के खिसकने की वजह से ये माइन कभी-कभी अपनी जगह से हट जाते हैं, जिससे ऐसे अचानक धमाके हो जाते हैं। सेना ऐसे इलाकों में लगातार निगरानी रखती है और खतरनाक जगहों को चिह्नित करती रहती है।

इसी दिन दूसरी घटना बलनोई इलाके के साग्रा गांव में हुई। यहां एक जंग लगा पुराना मोर्टार गोला मिला। गांव वालों ने इसे देखा तो तुरंत सेना को सूचना दी। सेना के बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर गोले की जांच की और उसे बिना किसी नुकसान के नियंत्रित धमाके के जरिए नष्ट कर दिया। इस ऑपरेशन में किसी को कोई चोट नहीं आई।

ये दोनों घटनाएं सीमा क्षेत्र में सुरक्षा की चुनौतियों को दोबारा उजागर करती हैं। पुंछ जिला एलओसी से लगा होने के कारण घुसपैठ की कोशिशें और पुराने युद्ध सामग्री के खतरे हमेशा बने रहते हैं। सुरक्षा बलों ने तुरंत पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और घुसपैठ रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

सेना के अधिकारियों ने कहा कि सैनिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। घायल जवान को बेहतर इलाज मुहैया कराया जा रहा है। साथ ही स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि अगर उन्हें कोई संदिग्ध वस्तु दिखे तो बिना छेड़छाड़ किए तुरंत सुरक्षा बलों को सूचित करें।



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