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साबित करेंगे ईवीएम से कैसे हो सकती है छेड़छाड़ : आप

नई दिल्ली ! निर्वाचन आयोग द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक से एक दिन पहले आम आदमी पार्टी (आप) ने गुरुवार को एक बार फिर आयोग को चुनौती देते हुए कहा कि अगर मौका मिलेगा,

साबित करेंगे ईवीएम से कैसे हो सकती है छेड़छाड़ : आप
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ईवीएम की विश्वसनीयता पर उठे संदेह की सच्चाई का खुलासा नहीं हुआ, तो देश तानाशाही के गर्त में चला जाएगा

नई दिल्ली ! निर्वाचन आयोग द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक से एक दिन पहले आम आदमी पार्टी (आप) ने गुरुवार को एक बार फिर आयोग को चुनौती देते हुए कहा कि अगर मौका मिलेगा, तो वह साबित कर देगी कि विधानसभा चुनावों में किसी खास पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से किस प्रकार छेड़छाड़ की गई। आप के विधायक सौरभ भारद्वाज ने निर्वाचन आयोग से ईवीएम की जांच के लिए सभी राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों तथा निर्वाचन आयोग के विशेषज्ञों का एक पैनल बनाने का आग्रह किया।

भारद्वाज ने संवाददाताओं से कहा, "पैनल के समक्ष हम यह दिखा देंगे और साबित कर देंगे कि रोम (रीड ओन्ली मेमरी) की मदद से किस प्रकार ईवीएम से छेड़छाड़ की जा सकती है।"

उन्होंने कहा कि शुक्रवार को होने वाली सर्वदलीय बैठक के दौरान आप निर्वाचन आयोग से पैनल के गठन की मांग करेगी।

उन्होंने कहा कि ईवीएम का रोम देखकर यह बता सकते हैं कि किस पार्टी के किसी खास मतदाता को वोट दिया गया और किस अनुक्रम में मतदान किया गया।

भारद्वाज ने कहा कि प्रस्तावित पैनल कोई भी पांच बूथ को चुन सकता है, जहां हेरफेर होने का शक हो।

प्रत्येक बूथ के एक मतदाता से न्यायिक दंडाधिकारी बंद कमरे में जिरह कर सकते हैं और पूछेंगे कि उसने किस पार्टी को वोट दिया।

भारद्वाज ने कहा, "हम ईवीएम के रोम को पढ़कर यह बता सकते हैं कि मतदाता का मत किस पार्टी को गया और अगर उसका बयान (उसने जिस पार्टी को वोट दिया) ईवीएम से मिलता है, तो समझिए छेड़छाड़ नहीं हुई। और अगर ऐसा नहीं होता है, तो हमारी बात (वोटिंग मशीन के साथ छेड़छाड़) साबित हो जाती है।"

आप की यह नई चुनौती पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज द्वारा मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में ईवीएम जैसी दिखने वाली एक मशीन के प्रदर्शन के बाद आई है, जिसमें उन्होंने बताया था कि कोड तथा मदरबोर्ड को बदलकर किस प्रकार ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है।

उन्होंने कहा, "निर्वाचन आयोग कहता रहा है कि ईवीएम किसी नेटवर्क से जुड़ा नहीं है, इसलिए इसके साथ छेड़छाड़ संभव नहीं है, लेकिन हमने दिल्ली विधानसभा में मंगलवार को एक सीक्रेट कोड से एक डुप्लिकेट ईवीएम में छेड़छाड़ करके दिखा दिया।"

आप नेता ने कहा कि ईवीएम से छेड़छाड़ को लेकर उनका संदेह तब और पुख्ता हुआ, जब महाराष्ट्र निकाय चुनाव में एक प्रत्याशी ने दावा किया कि मतदान के दौरान उसके द्वारा दिया गया एक वोट भी उसे नहीं मिला।

उन्होंने मध्य प्रदेश के भिंड में ईवीएम के डेमो को याद किया, जब किसी भी बटन को दबाने पर वोट भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जा रहा था।

आप नेता ने कहा, "इन सबके कारण हमारे जेहन में ईवीएम से छेड़छाड़ का संदेह पैदा हुआ।" उन्होंने कहा कि यह विस्मित करने वाली बात है कि नवंबर में की गई नोटबंदी के बाद भाजपा हर चुनाव जीतती आ रही है, जबकि नोटबंदी के कदम से देश में कोई भी व्यक्ति खुश नहीं है।

भारद्वाज ने कहा, "अगर निर्वाचन आयोग चाहता है, तो हम ईवीएम से छेड़छाड़ की सच्चाई का पता लगा सकते हैं। लोकतंत्र को बचाने के लिए जो भी बन पड़ेगा वह आप करेगी। अगर ईवीएम की विश्वसनीयता पर उठे संदेह की सच्चाई का खुलासा नहीं हुआ, तो देश तानाशाही के गर्त में चला जाएगा, जो किसी भी लोकतांत्रिक गणराज्य के लिए खतरनाक है।"


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