बिजली की समस्या से निपटने की तैयारी शुरू
नई दिल्ली । गर्मी बढऩे के साथ घरों के पंखे चल पड़े। आने वाले दिनों के लिए कूलर व एयरकंडीशन भी चलेंगे। आम दिनों में 125 एंपियर तक बिजली की आपूर्ति होती थी।

नई दिल्ली । गर्मी बढऩे के साथ घरों के पंखे चल पड़े। आने वाले दिनों के लिए कूलर व एयरकंडीशन भी चलेंगे। आम दिनों में 125 एंपियर तक बिजली की आपूर्ति होती थी। मांग बढऩे के साथ बिजली की आपूर्ति 180 एंपियर तक पहुंच गई है। अप्रैल से बिजली की मांग में बढ़ोतरी होनी तय है। इसके लिए बीएसईएस 300 एंपीयर बिजली की आपूर्ति करने की तैयारी कर चुका है। कभी कभार मामूली तकनीकी खराबी आने पर बिजली की आपूर्ति में बाधा पड़ सकती है, जिसे बीएसईएस के अधिकारी अपवाद मान रहे हैं।
मांग व पूर्ति के बीच ज्यादा अंतर नहीं आया तो बिजली वितरण व्यवस्था में कोई बाधा नहीं आएगी। इसके लिए नए बड़े 12 और छोटे छोटे 100 ट्रांसफार्मर लगाए जा चुके हैं। आठ बड़े और 20 छोटे ट्रांसफार्मर लगाने का काम जोरों पर है। यह काम इस सप्ताह ही पूरा हो जाएगा। बिंदापुर में अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। पालम, जनकपुरी और द्वारका में गर्मी में बिजली की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आए ऐसे में डेढ़ माह के दौरान पालम के साधनगर में 400 केवीए का एक ट्रांसफार्मर लगाया गया। बंगाली कॉलोनी, विनोदपुरी और इसके आसपास लगे तीन ट्रांसफार्मर की क्षमता 630 केवीए से बढ़ाकर 990 केवीए कर दी गई। जनकपुरी के राजौरी गार्डन में एक 400 केवीए के ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाकर 630 केवीए कर दी गई। दूसरे ट्रांसफार्मर की क्षमता को 630 केवीए से बढ़ाकर 990 कर दी गई। द्वारका के महावीर एंक्लेव में बिजली की आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए 630 केवीए के ट्रांसफार्मर की क्षमता 990 केवीए तक बढ़ा दी गई। बिजली कंपनियां यह मानकर चल रही है कि वितरण व्यवस्था कितनी भी दुरुस्त क्यों न हो, अगर पीछे से बिजली नहीं मिलेगी तो वे आपूर्ति कहां से करेंगे। ऐसे में द्वारका में दो ग्रिड लगाने की जरूरत पड़ी। ग्रिड से उत्पादन होगा तभी ट्रांसफार्मर से आपूर्ति होगी। जी फोर ग्रिड पहले लगा दिया गया था। यह ग्रिड काम करना शुरू कर दिया है। जी सेवन ग्रिड भी लगाने का काम अंतिम चरण में है। एक ग्रिड लगाने से 40 हजार ग्राहकों को बिजली मिलती है। दोनों ग्रिड शुरू होने के बाद 80 हजार उपभोक्ताओं को फायदा होगा। अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर लगाए जाने से इसकी आपूर्ति क्षमता बढ़ जाएगी। इससे सीधे एक लाख ग्राहकों को फायदा होगा। पश्चिमी दिल्ली बीएसईएस प्रभारी एके त्यागी ने बताया कि अब भी कुछ छोटे-मोटे मरम्मत का काम चल रहा है, लेकिन उससे आपूर्ति पर असर नहीं पड़ेेगा। अभी कूलर व एसी चलाने की नौबत नहीं आई है। इसलिए अभी मांग नहीं बढ़ी है। मांग बढऩे के साथ ही आपूर्ति शुरू कर दी गई है। आगे भी इस तरह का प्रयास जारी रहेगा। उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं होगी।


