गौरक्षा के नाम पर देश में बढ़ रही है गुंडागर्दी
नई दिल्ली ! अलवर गौ रक्षा कांड में जान गंवाने वाले 55 वर्षीय पहलू खान के समर्थन में देशभर के किसानों, कृषि मजदूरों, आदिवासियों और दलितों के 300 संगठन मैदान में उतर आए हैं।

नई दिल्ली ! अलवर गौ रक्षा कांड में जान गंवाने वाले 55 वर्षीय पहलू खान के समर्थन में देशभर के किसानों, कृषि मजदूरों, आदिवासियों और दलितों के 300 संगठन मैदान में उतर आए हैं। इन संगठनों के संघ भूमि अधिकार आंदोलन (बीएए) ने राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार से मृतक पहलू खान के परिवार को 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि, घायलों को 25 लाख रुपए व मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। वहीं, हरियाणा सरकार से मांग की गई है कि वो अलवर घटना में घायल सभीलोगों को निशुल्क इलाज उपलब्ध कराए।
इसके साथ ही बीएए ने घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की।
इस मामले को लेकर नई दिल्ली के पंडित रविशंकर लेन स्थित बीएए कार्यालय में रविवार को संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान पहलू का बेटा आरिफ और उसका भाई भी पहुंचे। यहां उन्होंने आपबीती बताई। वहीं, भूमि अधिकार आंदोलन के हन्नान मोल्लाह ने कहा कि कथित गौ तस्करी के नाम पर लोगों की पिटाई करना और किसी शख्स की जान लेना एक जघन्य अपराध है। उन्होंने कहा कि गौरक्षा के नाम पर देश में गुंडागर्दी बढ़ रही है। ऐसे मामलों में पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध रहती है जैसा कि अलवर में देखा गया। देश में तेजी से बढ़ रहे सम्प्रदायवाद को फैलने से रोकना होगा अन्यथा ऐसी घटनाओं की पुनरावृति होती रहेगी। इसे रोकने के लिए सख्त कानून बनाए जाने की जरुरत है। गौरक्षा के लिए कानून बनाना तो ठीक है लेकिन मानव रक्षा के लिए भी कोई ठोस कानून होना चाहिए। वहीं, पी.कृष्णप्रसाद ने कहा कि अक्सर किसान अपनी खऱाब आर्थिक स्थिति के चलते गाय का उचित पालन नहीं कर पाते हैं और मज़बूरी में बूढ़े गाय-बैलों को खुला छोड़ देते हैं। लिहाजा सरकार को गौवंश की रक्षा करनी ही है तो बूढ़े पशुओं को गरीबों से खरीदे और उन्हें गौशालाओं में रखें।
उधर, अखिल भारतीय कृषि मजदूर यूनियन के सचिव सुनीत चोपड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार की नई आर्थिक नीति के चलते ही छोटे किसानों और मजदूरों पर सुनियोजित हमला किया जा रहा है। इस नीति के तहत पशुपालन और दुग्ध उत्पादन जैसे कार्यों का संचालन बड़ी बड़ी देशी और विदेशी कंपनियों को सौंपा जाना है, लेकिन हम ऐसा नहीं होने देंगे। गौरतलब है कि गाय तस्करी के कथित आरोप में बीती 1 अप्रैल को राजस्थान के अलवर में 55 वर्षीय पहलू खान नाम के शख्स की जमकर पिटाई कर दी गई, जिससे बाद में उसकी मौत हो गई। इस दौरान पहलू के साथ उसके दो बेटे और कुछ साथी भी मौजूद थे।


