देश में हिंदू-मुस्लिम के बीच खाई के लिए नेहरु जिम्मेदार : गिरिराज
सरदार वल्लभ भाई पटेल देश के प्रथम प्रधानमंत्री बनते तो देश में हिंदू मुस्लिम के बीच दीवार नहीं खड़ी होती

गाजियाबाद। केंद्रीय राज्यमंत्री गिरिराज सिंह ने बुधवार को कहा कि देश में हिंदू और मुस्लिम के बीच खड़ी दीवार के लिए कोई और नहीं, देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरदार वल्लभ भाई पटेल देश के प्रथम प्रधानमंत्री बनते तो देश में हिंदू मुस्लिम के बीच दीवार नहीं खड़ी होती और देश का सामाजिक तानाबाना भी सुरक्षित रहता।
गिरिराज सिंह बुधवार को भाजपा नेता पृथ्वी सिंह के आवास पर संवाददाताओं से वार्ता कर रहे थे। सिंह ने कहा सरदार पटेल और राजेंद्र बाबू ने जब सोमनाथ मंदिर का मसला हल कर दिया था यदि उसी समय काशी अयोध्या व अन्य मंदिरों का मामला भी इसी तरह कर दिया जाता तो आज यह मामले नहीं उठते और देश में हिंदू मुस्लिम की दीवार खड़ी नहीं होती । पंडित जवाहरलाल नेहरू ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया और देश आज हिंदू मुस्लिम के बीच की खाई के दंश को झेल रहा है। इसके लिए सिर्फ और सिर्फ पंडित जवाहरलाल नेहरू जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि भारत में भारत में हिंदू हो या मुसलमान सब के पूर्वज एक ही है और कोई अफगानिस्तान से नहीं आया हुआ है। यहां के मुसलमान भी उसी के वंशज हैं जिसके हिंदू हैं।
उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि वे अयोध्या में मंदिर बनाने के लिए पहल करें। उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला जैसे लोग देश में हिंदू मुस्लिम की खाई को पाटने के बजाय और गहरा कर रहे हैं। फारूक अब्दुल्ला के बयान पर उन्होंने कहा कि मुसलमान मक्का में ही हज को क्यों जाते हैं। राम मंदिर अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण आस्था का मामला है। उन्होंने कहा कि अब हिंदू के सब्र का पैमाना भर गया है अब और सब्र नहीं होता। मुसलमानों का आगे आकर मंदिर निर्माण में पहल करनी चाहिए ।
जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर 2 दिसंबर को निकाली जाएगी रैली को लेकर उन्होंने कहा यह रैली ऐतिहासिक होगी जो घंटाघर रामलीला जो कवि नगर रामलीला मैदान से निकाली जाएगी। उन्होंने कहा कि आज भारत में अत्यधिक जनसंख्या का होना अनेक समस्याओं को जन्म दे रहा है। संसाधन लगातार कम हो रहे हैं जबकि जनसंख्या बढ़ रही है। भारत में चीन की तर्ज पर जनसंख्या नियंत्रण के लिए सख्त कानून बनना चाहिये और जनसंख्या नियंत्रण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन ने 1979 में जनसंख्या नियंत्रण के लिए जो कदम उठाए थे उससे वहां पर काफी हद तक जनसंख्या पर नियंत्रण हुआ। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया की जनसंख्या का 18 प्रतिशत भारत में है, जबकि यहां जमीन केवल 2 और पानी चार प्रतिशत है।


