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चिकित्सा सेवा में मानवीयता-तत्परता की जरूरत : चन्द्राकर

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अजय चन्द्राकर ने आज यहां पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में 'स्वास्थ्य सेवाओं में कर्तव्यनिष्ठा एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया ....

चिकित्सा सेवा में मानवीयता-तत्परता की जरूरत : चन्द्राकर
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रायपुर। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अजय चन्द्राकर ने आज यहां पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में 'स्वास्थ्य सेवाओं में कर्तव्यनिष्ठा एवं नैतिकता विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। चन्द्राकर ने शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान के बाद डॉक्टर ही ऐसा शख्स है, जो किसी की जान बचा सकता है, रक्षा कर सकते है। स्वास्थ्य सेवाएं संवेदनशील सेवा है, अत: चिकित्सा सेवा में लोगों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण और विश्वसनीयता होनी चाहिए। चन्द्राकर ने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति बहुल राज्य है, जहां दूरस्थ वनांचल में इन वर्गों के लोग विशेष तौर पर निवास करते है।

राज्य सरकार दूरस्थ अंचल के आदिम जाति परिवारों को पुख्ता चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए प्रयास कर रही है। डॉक्टरों को भी मानवीयता दिखाते हुए इन वर्गों के सेवा के लिए तत्परता दिखाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिवेश में विश्वसनीयता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं।

शिक्षा, सेना, मेडिकल आदि ऐसे क्षेत्र हैं जिन पर लोगों की विश्वसनीयता आज भी कायम है। कार्यशाल में स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव सुब्रत साहू, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं आर. प्रसन्ना, चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक डॉ. ए.के. चन्द्राकर, राष्ट्रीय स्वास्थ्यमिशन के प्रबंध संचालक डॉ. सारांश मित्तर, विशेषज्ञ वक्ता डॉ. अमर जसानी, मुम्बई, डॉ. राजेश मेहता, अहमदाबाद ओर पद्मश्री सम्मान से सम्मानित डॉ. ए.टी. दाबके, रायपुर सहित प्रदेश के सभी जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और प्राथमिक तथा उपस्वास्थ्य केन्द्रों के चिकित्सा अधिकारी शामिल हुए।

चन्द्राकर ने डॉ. ए.के. दाबके की प्रशंसा करते हुए कहा कि सबको ऐसे ही मानवता का मिसाल बनने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पूरा देश पुर्ननिर्माण के दौर से गुजर रहा है। बहुत सारे प्रयोग किया जा रहा है। आज शुरूआत हो गई है। इसे परिणाम तक ले जाने की जरूरत है। कार्यशाला को स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव सुब्रत साहू ने भी संबोधित किया। उन्होंने कार्यशाला के विषयवस्तु के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।


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