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जयपुर हवाई अड्डे पर वाहनों की करीब दो करोड़ की चोरी उजागर

राजस्थान में जयपुर हवाई अड्डे क्षेत्र में काम कर रहे वाहन बिना कर चुकाये मिलने पर करीब दो करोड़ रुपए की कर चोरी उजागर हुई

जयपुर हवाई अड्डे पर वाहनों की करीब दो करोड़ की चोरी उजागर
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जयपुर। राजस्थान में जयपुर हवाई अड्डे क्षेत्र में काम कर रहे वाहन बिना कर चुकाये मिलने पर करीब दो करोड़ रुपए की कर चोरी उजागर हुई।

राजस्व आसूचना निदेशालय (एसडीआरआई) की टीम द्वारा शुक्रवार को जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर संचालित वाहनों की जांच करने पर यह चोरी उजागर हुई। एसडीआरआई के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इससे लगभग दो करोड़ रुपए की परिवहन कर की वसूली होने की संभावना है। निदेशालय की टीम ने निदेशक एयरपोर्ट, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की अनुमति से एयरपोर्ट के आपरेशन एरिया में उपयोग में लाए जा रहे विभिन्न कंपनियों के वाहनों की जांच की।

एयरपोर्ट आपरेशन एरिया में वहां से संचालित विभिन्न एयर लाइंस कंपनियों एवं उन्हें सर्विस देने वाली कंपनियों के वाहन संचालित होते हैं। इनमें बसे भी सम्मिलित है जो यात्रियों को टर्मिनल से विमान एवं विमान से टर्मिनल तक छोड़तीं है।

जयपुर एयरपोर्ट पर आपरेशन एरिया में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, इण्डिगो एयरलाइंस, स्पाइस जेट एयरलाइंस एवं एयरइंडिया स्वयं के वाहनों का उपयोग करते हैं। जबकि एयर एशिया, जेट एयरवेज, एयर अरेबिया, ओमान एयरलाइंस के लिए वाहनों एवं अन्य ग्राउंड सर्विसेस का सर्विस प्रोवाइडर कार्य इण्डो थाई एयरपोर्ट मैनेजमेंट सर्विसेस प्राईवेट लिमिटेड के द्वारा किया जा रहा है।

इस दौरान पांच बसे अपंजिकृत पायी गई। वाहनों का इंश्योरेंस भी तभी प्रभावी होता है, जब वाहन पंजीकृत हो। इस प्रकार इन कंपनियों द्वारा की जा रही यह एक बड़ी लापरवाही उजागर हुई। इससे राज्य सरकारों को भी राजस्व का नुकसान हो रहा था। इन बसों के अतिरिक्त 15 वाहन, जिसमें तीन बस एवं शेष अन्य है, अन्य राज्यों में पंजीकृत पाये गये हैं। इन वाहनों का राजस्थान राज्य का कर जमा नहीं पाया गया।

जांच में 29 विभिन्न प्रकार के अन्य वाहन भी अपंजिकृत पाये गये। ये वाहन मुख्यतः ग्राउंड एयरकंडीशनिंग यूनिट, पुश बैंक ट्रैक्टर, आटो स्टेप लोडर, कार्गो पैलेट लोडर एवं मोटराईज्ड स्टेप है। इसके अतिरिक्त जांच के दौरान बैगेज ट्रॉली ट्रांसपोर्ट तथा अन्य कार्य के लिए 25 ट्रैक्टर उपयोग में लाए जा रहे थे जो कि कृषि कार्य के लिए पंजीकृत है, जबकि इनका व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा था।
एसडीआरआई टीम ने सम्बन्धित दस्तवेज प्राप्त कर लिए हैं, और प्रकरण दर्ज कर इसे बकाया राजस्व वसूली के लिए परिवहन विभाग को भेजा जाएगा।


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